जरुरी जानकारी | मद्रास उच्च न्यायालय ने कराधान समितियों का गठन करने संबंधी निर्देश पर रोक लगाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मद्रास उच्च न्यायालय ने एकल न्यायधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमे राज्य सरकार को संबंधित जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कराधान समिति गठित करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला संपत्ति कर आकलन और उसके संग्रह से जुड़ा है।
चेन्नई, आठ सितंबर मद्रास उच्च न्यायालय ने एकल न्यायधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमे राज्य सरकार को संबंधित जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कराधान समिति गठित करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला संपत्ति कर आकलन और उसके संग्रह से जुड़ा है।
नमक्कल जिले के एसएसएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की एक रिट याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायाधीश टी एस शिवगनम और न्यायाधीश सती कुमार सुकुमारा कुरुप की खंडपीठ ने सोमवार को यह रोक लगाई।
याचिका का निपटारा करते समय एकल न्यायाधीश एस एम सुब्रमण्यम ने इस साल 18 अगस्त को ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग को संबंधित जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कराधान समिति गठित करने का निर्देश दिया था। वह किये गये संपत्ति कर आकलन की समीक्षा करेगी और उसकी सत्यता को परखेगी।
उन्होंने साथ ही कहा कि विभाग को संपत्ति कर चूककर्ताओं और बकाया राशि की सूची अपने अधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने तथा कलेक्टर से इस संबंध में हो रही प्रगति की मासिक समीक्षा बैठकें करने का आदेश भी दिया था।
मद्रास उच्च न्यायालय ने एकल न्यायधीश की आदेश पर अमल को स्थगत करते हुये पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश का निर्देश रिट याचिका के दायरे से बाहर हैं क्योंकि यह केवल एक रिट याचिका थी यह जनहित याचिका (पीआईएल) की प्रकृति में नहीं थी।
जतिन
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