मद्रास उच्च न्यायालय ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले डॉक्टर को फिर दफनाने की मांग अस्वीकार की

न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार की खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के लिए आयी सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण सल्वाथंन की याचिका खारिज कर दी।

जमात

चेन्नई, एक मई मद्रास उच्च न्यायालय ने यहां कोविड-19 से जान गंवाने वाले डॉक्टर का शव खोदकर निकालने और उसके धार्मिक अधिकारों एवं रिवाजों के अनुसार उसे एक अन्य कब्रिस्तान में फिर से दफनाने की मांग करने वाली एक याचिका शुक्रवार का खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार की खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के लिए आयी सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण सल्वाथंन की याचिका खारिज कर दी।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह अर्जी विचारयोग्य नहीं है क्योंकि डॉक्टर की पत्नी का ऐसा ही अनुरोध राज्य सरकार खारिज कर चुकी है।

अदालत ने कहा, ‘‘फलस्वरूप, यह रिट याचिका शुरूआती चरण में खारिज की जाती है।’’

हालांकि पीठ ने कहा कि यदि डॉक्टर के परिवार के सदस्य खारिज के आदेश को चुनौती देते हुए इस अदालत के पास पहुंचते हैं तो यह अदालत इस मुकदमे पर फैसला करेगी।

चेन्नई नगर निगम के अधिकारियों ने इस डॉक्टर के शव को खोदकर निकालने और दूसरे कब्रिस्तान में शव को दफनाने की उसकी पत्नी की मांग यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में ऐसा करना सुरक्षित नहीं है।

इससे पहले अदालत ने यहां किलपौक में न्यूरोसर्जन सिमोन हरक्यूलिस को दफनाने के खिलाफ भीड़ की हिंसक प्रदर्शन का संज्ञान लिया और कहा कि संविधान के तहत भद्र अंतिम संस्कार अधिकार है और उसने तमिलनाडु सरकार एवं पुलिस पुलिसमहानिदेशक को नोटिस जारी किया।

इस डॉक्टर की 19 अप्रैल को कोविड-19 से मृत्यु हो गयी थी।

जिस एंबुलेंस से इस डॉक्टर का शव ले जाया जा रहा था, उसमें कुछ लोगों ने इस झूठे भय में तोड़फोड़ की थी कि किलपौक में शव दफनाने से इस क्षेत्र में संक्रमण फैलेगा। भीड़ ने निगम के स्वास्थ्य कर्मियों एवं डॉक्टर के साथियों पर भी हमला किया था। ऐसे में डाक्टर की पत्नी और बेटे को कब्रिस्तान से भागना पड़ा था।

बाद में पुलिस सुरक्षा में शव एक अन्य कब्रिस्तान में दफनाया गया। हिंसा में शामिल एक दर्जन से अधिक लोग गिरफ्तार किये गये और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

डॉक्टर के अंतिम संस्कार के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि यह बहुत परेशान करने वाली बात है और कुछ लोगों की ऐसी हरकत भद्र अंतिम संस्कार के अधिकार पर चोट है।

याचिकाकर्ता के अनुसार हमारी परंपरा एवं संस्कृति के अनुसार शव को मर्यादा दी जानी चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान