चेन्नई, 19 अक्टूबर मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। सेंथिल को धन शोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
अदालत ने कहा कि यदि उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन ने सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता की स्वास्थ्य रिपोर्ट में ऐसी चिकित्सा स्थिति नहीं दिखाई देती कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।
न्यायमूर्ति जयचंद्रन ने कहा कि याचिकाकर्ता का भाई अशोक कुमार फरार है और याचिकाकर्ता बिना विभाग के मंत्री के पद पर है, इसलिए वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता के सगे भाई और सह-अभियुक्त अशोक कुमार का सहयोग नहीं करना भी प्रवर्तन निदेशालय की इस आशंका को सही ठहराता है कि, आरोपी के देश छोड़कर भागने का खतरा है जिससे मुकदमे की सुनवाई में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उपरोक्त कारणों से, यह अदालत याचिकाकर्ता को जमानत देने की इच्छुक नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है।’’
बालाजी को 14 जून को ईडी ने नकदी के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था। जिस समय यह घोटाला हुआ, वह पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार में परिवहन मंत्री थे।
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