देश की खबरें | मद्रास उच्च न्यायालय ने ईडी मामले से द्रमुक नेता को बरी करने से इनकार किया
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चेन्नई, 31 अक्टूबर मद्रास उच्च न्यायालय ने द्रमुक नेता एवं तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एक मामले से बरी करने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति वी शिवज्ञानम ने सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता सेंथिल बालाजी को इस मामले से बरी करने की याचिका खारिज करते हुए ईडी की कार्यवाही को बरकरार रखा।
यह मामला 2021 में हुए एक कथित नौकरी घोटाले से सामने आया था।
न्यायाधीश ने इस मामले में एक अन्य आरोपी द्वारा अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के लिए दायर एक याचिका को भी खारिज कर दिया।
उच्च न्यायालय ने हालांकि मंत्री और सह-आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की नए सिरे से जांच का आदेश दिया है।
सेंथिल बालाजी 2011-15 की अवधि के दौरान दिवंगत जे जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक सरकार में परिवहन मंत्री थे।
सेंथिल बालाजी के खिलाफ बहुत सारी शिकायतें थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने परिवहन निगमों में चालकों और संवाहकों की नियुक्ति करने के लिए कई लोगों से भारी मात्रा में रिश्वत ली थी।
इसी सिलसिले में द्रमुक नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
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