देश की खबरें | मध्यप्रदेश विधानसभा : सदन में विधायक की गैरहाजिरी पर हंगामा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक के सवाल पूछने पर सत्तापक्ष ने दावा किया कि प्रश्न करने की अपनी बारी पर सदस्य सदन में नहीं थे और अब वह सवाल करना चाहते हैं। इस बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
भोपाल, तीन मार्च मध्यप्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक के सवाल पूछने पर सत्तापक्ष ने दावा किया कि प्रश्न करने की अपनी बारी पर सदस्य सदन में नहीं थे और अब वह सवाल करना चाहते हैं। इस बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने ग्वालियर एवं चंबल संभागों में अवैध रेत उत्खनन पर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि वह रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविन्द सिंह ने भिण्ड जिले में रेत माफियाओं के खिलाफ हुई कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक संजीव सिंह ने कहा कि रेत उत्खनन में लिप्त बड़े माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खनिज संसाधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है और चंबल एवं ग्वालियर संभागों में जब्ती के 2311 प्रकरण हुए हैं, जिनमें जेसीबी एवं अन्य वाहन जब्त किये गये हैं।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।
इसके तुरंत बाद अध्यक्ष ने प्रश्नोत्तर-सूची में शामिल कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी का नाम पुकारा और प्रश्न पूछने को कहा। जब चौधरी ने जवाब नहीं दिया, तो अध्यक्ष ने प्रश्नोत्तर-सूची में शामिल अगले सदस्य को प्रश्न पूछने के लिए कहा।
जब भाजपा सदस्य सूबेदार सिंह सिकरवार प्रश्न पूछ रहे थे, तभी चौधरी आ गये और अध्यक्ष से प्रश्न पूछने की अनुमति देने का अनुरोध करने लगे और किसानों के मुद्दे पर सवाल किया।
अध्यक्ष ने चौधरी से कहा, आपका नाम पुकारा गया था, लेकिन सदन से बहिर्गमन करने के कारण आपने जवाब नहीं दिया था। इसपर चौधरी ने कहा कि वह सदन में ही थे।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के नेतृत्व में सत्तापक्ष ने इसका विरोध किया और कहा कि कांग्रेस सदस्य को झूठ बोलने के लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा विधायकों ने कहा कि चौधरी के दावे की पुष्टि करने के लिए सदन की कार्यवाही की वीडियो फुटेज निकाल कर देख लीजिए।
कांग्रेस विधायक जोर-जोर से कहने लगे कि सरकार किसानों के मुद्दे पर प्रश्न को टाल रही है।
अध्यक्ष ने चौधरी को प्रश्न पूछने की अनुमति दे दी, लेकिन भाजपा विधायकों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि चौधरी आसन का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
इसके बाद अध्यक्ष ने हंगामे की बीच सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
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