देश की खबरें | सेवा मामलों में फैसले को मानने से उपराज्यपाल के इंकार के कारण आप को फिर अदालत जाना पड़ा: संजय

नयी दिल्ली, 12 मई आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने शुक्रवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना पर सेवा मामलों में उच्चतम न्यायालय के फैसले को मानने से इंकार करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके इस रवैये ने पार्टी को फिर अदालत जाने के लिए मजबूर किया।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक फैसले में कहा था कि दिल्ली सरकार को तीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी विधायी और कार्यकारी शक्तियां प्राप्त हैं।

आप सरकार यह आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय पहुंची कि केंद्र उसके सेवा विभाग के सचिव के तबादले को लागू नहीं कर रहा है। दिल्ली सरकार ने कहा कि केन्द्र को अदालत की अवमानना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘उपराज्यपाल ने पहले ही कह दिया है कि वह उच्चतम न्यायालय में भरोसा नहीं रखते हैं। आज, उन्होंने भारत के प्रधान न्यायाधीश के फैसले को भी मानने से इंकार कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह से संवैधानिक संकट पैदा होगा। उच्चतम न्यायालय का फैसला एकदम साफ है। भूमि, कानून-व्यवस्था और पुलिस के अलावा उपराज्यपाल अन्य सभी विषयों में दिल्ली सरकार के फैसले मानने के लिए बाध्य है।’’

आप सांसद ने आरोप लगाया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ‘‘तानाशाही प्रवृत्ति के, अहंकारी और धौंस जमाने वाले हैं।’’

सिंह ने कहा, ‘‘क्या उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार है? उन्हें हटा देना चाहिए... उच्चतम न्यायालय के फैसले के बावजूद वह तानाशाही रवैया दिखा रहे हैं। इसलिए हम फिर से उच्चतम न्यायालय गए हैं। अब मोदी सरकार या उपराज्यपाल के लिए भागने का कोई रास्ता नहीं बचा है। यह बेशर्मी की हद है।’’

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