जम्मू, चार नवंबर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों के हमले में मारे गए पूरन कृष्ण भट के परिवार के सदस्यों से शुक्रवार को मुलाकात की।
भट की 15 अक्टूबर को शोपियां के चौधरी गुंड इलाके में उनके पैतृक घर के बाहर हत्या कर दी गई थी, जहां वह अपने बागों की देखभाल के लिए गए थे। संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह के साथ उपराज्यपाल ने जम्मू के मुठी में भट के आवास का दौरा किया और उनकी पत्नी स्वीटी भट और बच्चों श्रिया तथा शानू से संवेदना व्यक्त की। सिन्हा ने ट्वीट किया, ‘‘शहीद श्री पूरन कृष्ण भट्ट जी के परिवार के सदस्यों से जम्मू में उनके आवास पर मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की।’’
उपराज्यपाल ने यह भी ट्वीट किया कि प्रशासन को भट की पत्नी को स्थायी सरकारी नौकरी देने और परिवार को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया गया है। भट के रिश्तेदार ए के रैना ने संवाददाताओं से कहा कि उपराज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रैना ने कहा कि परिवार ने चौधरीगुंड से जम्मू स्थानांतरित करने के अलावा नौकरी, बच्चों के लिए शिक्षा और अनुग्रह राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘उपराज्यपाल ने हमें सहयोग का आश्वासन दिया है।’’ रैना ने कहा कि प्रवासियों के रूप में परिवारों के पंजीकरण की मांग उपराज्यपाल के समक्ष उठाई गई और उन्होंने इस मामले में सहयोग का आश्वासन दिया।
भट की पत्नी ने कहा कि वह यह खबर सुनना चाहती हैं कि उनके पति के हत्यारे मारे गए हैं। उन्होंने कहा ‘‘इससे मुझे न्याय मिलेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले कई महीनों से बेहद डर के साये में जी रहे थे। यह डर तब सच हो गया जब आतंकवादियों ने चौधरीगुंड में मेरे घर के गेट पर मेरे पति को गोली मार दी।’’
समुदाय के सदस्यों की ‘लक्षित’ हत्याओं के बीच दक्षिण कश्मीर के एक गांव से पलायन करने वाले 13 कश्मीरी पंडित परिवारों ने सोमवार को मांग की कि प्रशासन उन्हें ‘‘प्रवासी’’ के रूप में पंजीकृत करे। कुल 43 सदस्यों वाले 13 परिवारों में से 10 शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव छोड़कर 26 अक्टूबर को जम्मू पहुंचे थे। बाकी तीन पहले ही जम्मू आ चुके थे।
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