देश की खबरें | अरब सागर में निम्न दबाव प्रणाली के चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान: आईएमडी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर दबाव का एक क्षेत्र विकसित हो गया है जिसके 21 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर दबाव का एक क्षेत्र विकसित हो गया है जिसके 21 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।
इस साल अरब सागर में यह दूसरा चक्रवाती तूफान होगा। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण के लिए अपनाए गए फॉर्मूले के अनुसार इसे ‘तेज’ कहा जाएगा। आईएमडी के अनुसार चक्रवाती तूफान के रविवार को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने तथा ओमान के दक्षिणी तटों एवं पास के यमन की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है।
हालाकि, मौसम विज्ञानियों ने चेताया है कि कभी-कभी तूफान पूर्वानुमानित पथ से भटक सकते हैं, जैसा कि चक्रवात ‘बिपरजॉय’ के मामले में देखा गया था। ‘बिपरजॉय’ जून में अरब सागर में बना था और शुरू में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के बाद गुजरात में मांडवी और पाकिस्तान में कराची की तरफ गुजरा था।
आईएमडी ने कहा कि कम दबाव की प्रणाली शुक्रवार पूर्वाह्न 11:30 बजे सोकोट्रा (यमन) से लगभग 900 किमी पूर्व- दक्षिणपूर्व, सलालाह हवाई अड्डे (ओमान) से 1,170 किमी दक्षिण-पूर्व और अल ग़ैदाह (यमन) से 1,260 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में केंद्रित थी।
मौसम का पूर्वानुमान जताने वाली निजी एजेंसी ‘स्काईमेट वेदर’ ने कहा कि अधिकांश मॉडल संकेत देते हैं कि तूफान यमन-ओमान तट की ओर बढ़ रहा है।
हालाकि, वैश्विक पूर्वानुमान तंत्र मॉडल इसके अरब सागर के गहरे मध्य भागों में स्थित होने पर पुनरावृत्ति का सुझाव देते हैं, जिससे यह प्रणाली पाकिस्तान और गुजरात तट की ओर जा सकती है।
चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 62-88 किमी प्रति घंटे की होती है, जबकि हवा की गति 89-117 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने पर इसे गंभीर चक्रवाती तूफान कहा जाता है।
आईएमडी ने यह भी कहा कि दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र 22 अक्टूबर के आसपास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक गहरे दबाव में बदल सकता है।
इस प्रणाली के रविवार सुबह तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बांग्लादेश तट की तरफ इसका रुख रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)