देश की खबरें | अमेरिका को रवाना हुए नौ लोगों के लापता होने के मामले में दो एजेंटों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत से कैरेबियाई देशों के रास्ते संयुक्त राज्य अमेरिका जाने के दौरान लापता हुए गुजरात निवासी नौ व्यक्तियों से कथित तौर पर जुड़े दो आव्रजन एजेंटों को गुजरात पुलिस ने शनिवार को नामित किया और कहा कि इन दोनों के खिलाफ लुक ऑउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
हिम्मतनगर, 15 जुलाई भारत से कैरेबियाई देशों के रास्ते संयुक्त राज्य अमेरिका जाने के दौरान लापता हुए गुजरात निवासी नौ व्यक्तियों से कथित तौर पर जुड़े दो आव्रजन एजेंटों को गुजरात पुलिस ने शनिवार को नामित किया और कहा कि इन दोनों के खिलाफ लुक ऑउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
संदिग्ध आव्रजन गिरोह के बारे में तब पता चला जब एक महिला ने साबरकांठा जिले के प्रांतिज पुलिस थाने में बुधवार को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में कहा कि उसके पति भरत रबारी नीदरलैंड और कैरेबियाई क्षेत्र के रास्ते अमेरिका भेजे जाने के लगभग एक महीने बाद फरवरी से संपर्क में नहीं हैं।
एक जांच में मेहसाणा के रहने वाले दिव्येश उर्फ जॉनी पटेल को गिरफ्तार किया गया और पाया गया कि उसके द्वारा विदेश भेजे गए आठ अन्य लोग लापता हैं।
प्रांतिज पुलिस थाने के निरीक्षक प्रदीपसिंह वाघेला ने शनिवार को कहा कि अमेरिका स्थित आव्रजन एजेंट धवल पटेल और विजय पटेल से उन लोगों को मिलना था, जो लापता हैं। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में एक अन्य एजेंट महेंद्र बलदेवभाई पटेल का भी नाम है जो गांधीनगर जिले के डिंगुचा गांव का मूल निवासी है।
‘एमडी’ के रूप में जाना जाने वाला महेंद्र बलदेवभाई का छोटा भाई जगदीश पटेल है। बफीर्ले तूफान के बीच कनाडा के जरिये अवैध रूप से अमेरिका पहुंचने के प्रयास में जगदीश और उसकी पत्नी तथा दो बच्चों की कड़ाके की ठंड के कारण पिछले साल जनवरी में मौत हो गई थी।
वाघपुर गांव निवासी चेतना रबारी ने बुधवार को प्रांतिज पुलिस थाने में अपनी शिकायत में कहा कि उसके पति भरत रबारी जनवरी में अमेरिका की यात्रा पर रवाना हुए, लेकिन वे फरवरी से लापता हैं।
अपनी शिकायत में चेतना ने कहा कि जॉनी पटेल ने उनके किसान पति को 70 लाख रुपये की फीस पर अमेरिका में ‘वर्क परमिट‘ दिलाने का वादा किया था और 20 लाख रुपये एजेंट ने पहले ही ले लिए थे, जबकि बाकी का भुगतान उनके वहां पहुंचने के बाद किया जाना था।
भरत रबारी जनवरी में नीदरलैंड पहुंचे और फिर कैरेबिया में पोर्ट ऑफ स्पेन के माध्यम से फरवरी में डोमिनिका पहुंचे, लेकिन चार फरवरी से उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद उनके परिवार ने जॉनी पटेल से संपर्क किया, जिसने तब महेंद्र पटेल से संपर्क किया।
जॉनी पटेल को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया और महेंद्र पटेल को पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
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