देश की खबरें | महिला आरक्षण विधेयक के लिए सभी दलों के एक साथ आने की उम्मीद : यूएन

नयी दिल्ली, 20 सितंबर संयुक्त राष्ट्र ने उम्मीद जताई है कि भारत में महिला आरक्षण विधेयक का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दल एक साथ आएंगे, क्योंकि नीतियों और राजनीति में लैंगिक आधार पर आरक्षण दिया जाना समानता और महिलाओं के अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ‘यूएन वुमेन’ ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने से "भारत उन 64 देशों में शामिल हो जाएगा", जिनकी संसदों में महिलाओं के लिए आरक्षण है।

‘यूएन वुमेन’ ने एक बयान में कहा कि संसद में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत का महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व हासिल करना महिला सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक है।

‘यूएन वुमेन’ में भारत की प्रतिनिधि सुजैन फर्गुसन ने कहा, “महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने से भारत दुनिया के उन 64 देशों में शामिल हो जाएगा, जिनकी संसदों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की गयी हैं।”

उन्होंने कहा, "हालांकि, हमें उम्मीद है कि इस तरह के आरक्षण को लागू करने से अंततः दुनिया भर की संसदों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व हासिल हो सकेगा।"

सरकार ने मंगलवार को नए संसद भवन में ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है।

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