देश की खबरें | प्रभारी सीएमओ कुलदीप निशंक के परिसरों पर लोकायुक्त के छापे, लगभग चार करोड़ रुपये की संपत्ति मिली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को बड़नगर के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) कुलदीप निशंक के उज्जैन एवं बड़नगर स्थित विभिन्न परिसरों पर छापे मार कर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

उज्जैन (मध्यप्रदेश), 15 सितंबर मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को बड़नगर के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) कुलदीप निशंक के उज्जैन एवं बड़नगर स्थित विभिन्न परिसरों पर छापे मार कर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है।

लोकायुक्त पुलिस उपाधीक्षक वेदांश सोनी ने बताया, ‘‘कुलदीप निशंक के उज्जैन और बड़नगर में अलग-अलग परिसरों पर मंगलवार सुबह एक साथ छापे मारे गए और इन छापों में अब तक लगभग चार करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है।’’

यह भी पढ़े | पीएम मोदी का ट्वीट- दरभंगा में एम्स के निर्माण से बिहार के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगी मजबूती: 15 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा कि अभी जाँच जारी हैं और यह राशि और बढ़ सकती है, क्योंकि उसके बैंक खातों और अन्य परिसंपत्तियों का आकलन चल रहा है।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार कर संपत्ति इकट्ठा करने की लगातार शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

यह भी पढ़े | Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिना ई-पास के इंटर स्टेट मूवमेंट की दी इजाजत, बसों को इजाजत नहीं.

सोनी ने बताया कि निशंक ने 2008 में पंचायत सचिव के रूप में नौकरी शुरू की और तब से लेकर अब तक शासकीय सेवा के दौरान उन्हें वेतन के रूप में कुल 30 लाख रुपये मिले।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर तलाशी के दौरान लोकायुक्त पुलिस को 3.28 रुपये नकद, 452 ग्राम सोना, 2.8 किलोग्राम चांदी, 21 बीघा खेती की जमीन और तीन मकान मिले हैं, जिनमें से दो मकान उज्जैन में हैं और एक बड़नगर में है।

सोनी ने बताया कि इन तलाशी के दौरान 56 बैंक खातों का ब्योरा मिला है। इनमें से एक निजी बैंक के खाते में 1.08 करोड़ रुपये जमा पाए गए।

उन्होंने कहा कि कुलदीप निशंक ने एक फर्म अपनी माँ के नाम से बना रखी है, जिसमें वह शासकीय विभागों जैसे पंचायत एवं नगर निगम के ठेके भी लेते थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\