ताजा खबरें | लोकसभा ने शोर शराबे के बीच अनुदान की पूरक मांगों के प्रथम बैच को मंजूरी दी

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. लोकसभा ने विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे के बीच वर्ष 2021-22 के लिए अनुदानों की पूरक मांगों के प्रथम बैच और संबंधित विनियोग विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें निवल नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल खर्च 23,674.81 करोड़ रूपये हैं ।

नयी दिल्ली, 28 जुलाई लोकसभा ने विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे के बीच वर्ष 2021-22 के लिए अनुदानों की पूरक मांगों के प्रथम बैच और संबंधित विनियोग विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें निवल नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल खर्च 23,674.81 करोड़ रूपये हैं ।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2021-22 की पूरक अनुदान की मांगों के पहले बैच को चर्चा एवं पारित होने के लिये रखा । उन्होंने वर्ष 2017-18 के लिये अतिरिक्त अनुदान की मांगों को चर्चा एवं पारित होने के लिये रखा ।

निचले सदन ने विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे के बीच ही वर्ष 2021-22 की पूरक अनुदान की मांगों के पहले बैच और वर्ष 2017-18 के लिये अतिरिक्त अनुदान की मांगों तथा संबंधित विनियोग विधेयकों को मंजूरी प्रदान कर दी ।

सरकार ने वर्ष 2021-22 की पूरक अनुदान की मांगों के पहले बैच के तहत 1,87,202.41 करोड़ रूपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधिकृत करने के लिए संसद की मंजूरी मांगी थी जिसमें से निवल नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल खर्च 23,674.81 करोड़ रूपये हैं । इसमें 17,000 करोड़ रूपये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित है।

पहले बैच में 47 अनुदान मांगें तथा एक विनियोग है । अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच के दस्तावेज के अनुसार, सकल अतिरिक्त व्यय के तहत 1,63,526.88 करोड़ रूपये की राशि को मंत्रालयों / विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियां/ वसूलियों से पूरा किया जायेगा ।

इसके अतिरिक्त, नयी सेवा या नयी सेवा लिखत वाले मामलों में बचत पुनर्विनियोग के लिये व्यय की प्रत्येक मद हेतु एक-एक लाख रूपये वाले 72 लाख रूपये का सांकेतिक प्रावधान मांगा गया है ।

इसमें खर्च का एक बड़ा हिस्सा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति कमी के एवज में राज्यों को विशेष खिड़की के तहत एक के बाद एक रिण प्रदान करने में होगा । इसके तहत राज्यों को 1.59 लाख करोड़ रूपया जीएसटी क्षतिपूर्ति कमी के एवज में एक के बाद एक रिण के रूप में हस्तांतरित किया जायेगा ।

कोविड से जुड़ी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिये 16,463 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्ययय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिये रखा गया है। इसके अलावा 526 करोड़ रूपये की राशि आपात महामारी तैयारी एवं प्रतिक्रिया के लिये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिये रखा गया है ।

नागर विमानन मंत्रालय के लिये 2,050 करोड़ रूपये की मंजूरी मांगी गई है जिसमें 1,872 करोड़ रूपये भारत की आकस्मिकता निधि से लिये अग्रिम की प्रतिपूर्ति के लिये एयर इंडिया लिमिटेड को रिण एवं अग्रिम के रूप में शामिल है ।

इसमें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के लिये वर्ष 2019-20 सत्र के वास्ते चीनी मिलों को सहायता प्रदान करने हेतु 1,100 करोड़ रूपये की राशि शामिल है ।

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