ताजा खबरें | लोकसभा ने शोर-शराबे के बीच राष्ट्रीय परिचर्या और प्रसूति विद्या आयोग विधेयक को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 28 जुलाई लोकसभा ने हंगामे के बीच ‘राष्ट्रीय परिचर्या और प्रसूति विद्या आयोग विधेयक, 2023’ को मंजूरी दे दी। इसमें परिचर्या और प्रसूति विद्या पेशेवरों (नर्सिंग एवं मिडवाइफरी) संबंधी शिक्षा एवं सेवा मानकों के विनियमन, संस्थाओं के मूल्यांकन तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रजिस्टर के रख-रखाव का उपबंध किया गया है।

निचले सदन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि देश में हम राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग लाए और आज इसके माध्यम से पारदर्शिता के साथ अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि उसी समय यह भी चर्चा की गई कि दंत चिकित्सा और नर्सिंग की शिक्षा को लेकर भी व्यवस्था में सुधार हो। संसद की स्थायी समिति से इस संबंध में सुझाव आए।

मांडविया ने कहा कि समय-समय पर नर्सिंग शिक्षा में बदलाव हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की जरूरत भी महसूस की गई।

मंत्री ने कहा कि ऐसे में नर्सिंग शिक्षा की रूपरेखा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है।

मंत्री के जवाब के बाद निचले सदन ने शोर-शराबे के बीच ‘राष्ट्रीय परिचर्या और प्रसूति विद्या आयोग विधेयक, 2023’ को मंजूरी दे दी। इस समय निचले सदन में विपक्षी दलों के सदस्य मणिपुर के मुद्दे पर शोर-शराबा कर रहे थे।

विधेयक में परिचर्या और प्रसूति विद्या पेशेवरों (नर्सिंग एवं मिडवाइफरी) संबंधी शिक्षा एवं सेवा मानकों के विनियमन, संस्थाओं के मूल्यांकन तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय रजिस्टर के रख-रखाव करने तथा पहुंच, अनुसंधान एवं विकास को बेहतर बनाने के लिए एक प्रणाली तैयार करने का उपबंध किया गया है।

इसमें अद्यतन वैज्ञानिक प्रगति एवं विकास को अपनाने का प्रस्ताव किया गया है।

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