लॉकडाउन : विशेषज्ञों की राय में ‘सही समय पर सही फैसला’, लेकिन बड़ी परीक्षा अभी बाकी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च की रात आठ बजे देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी, जो उसी दिन आधी रात को लागू हो गया था।
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को एक महीना पूरा हो गया और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने सही समय पर सही फैसला लेकर खुद को अमेरिका और यूरोप जैसी स्थिति में पहुंचने से बचा लिया... वहीं कुछ की राय में बड़ी परीक्षा अभी बाकी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मार्च की रात आठ बजे देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी, जो उसी दिन आधी रात को लागू हो गया था।
भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था और ठीक 54 दिन बाद 25 मार्च को देश में कोरोना वायरस के 519 पुष्ट मामले थे और 11 लोगों की इससे जान जा चुकी थी। 25 मार्च को देश में लॉकडाउन लग चुका था, जो कोविड-19 से निपटने की लड़ाई में भारत का सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ है।
इस बीच, सरकार ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करना समय पर उठाया गया कदम था और अगर यह फैसला नहीं लिया गया होता तो भारत में अब तक कोविड-19 के एक लाख मामले होते।
‘एम्पावर्ड ग्रुप वन’ के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का फैसला ‘‘समय रहते उठाया गया एक लाभदायक कदम’’ साबित हुआ और देश में कोविड-19 मामलों की रफ्तार में आया बदलाव इसकी पुष्टि करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब यह ग्राफ समतल होना शुरू हो गया है। अगर हमने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का फैसला नहीं लिया होता तो अनुमान के मुताबिक अब तक कोविड-19 के करीब एक लाख मामले होते। अब महामारी का प्रकोप काबू में है।’’
भारत में लॉकडाउन के एक माह पूरे होने पर अब देश में कोविड-19 के 23,452 मामले हैं। वहीं विश्वभर में इससे 27.3 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और 1.91 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
कोरोना वायरस से अमेरिका और ब्रिटेन तथा कुछ यूरोपीय देश सर्वाधिक प्रभावित हैं।
प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल को 21 दिन का लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही इसे अतिरिक्त 19 दिन यानी तीन मई तक बढ़ा दिया था। ऐसा करने का कारण देश में कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामले और अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों से वायरस के प्रकोप की सामने आ रही भयावह तस्वीरें थीं।
‘श्री गंगा राम अस्पताल’ में फेफड़ों के सर्जन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि एक महीने का लॉकडाउन भारत के लिए काफी फायदेमंद रहा और देश अमेरिका या यूरोप जैसी स्थिति में पहुंचने से भी बच गया।
उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘ महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सहयोगी सेवाओं को तैयार होने के लिए 30 दिन दिए ताकि वह आने वाले दिनों में वायरस के प्रकोप से निपट पाएं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 10:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

