लॉकडाउन: घर जाने के लिए जम्मू से सौ मजदूर पैदल हुए रवाना

तीन अलग समूहों में चल रहे मजदूरों को पुलिस ने त्रिकुटा नगर क्षेत्र में रोका।

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जम्मू, चार मई देशव्यापी लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होने के बीच उत्तर प्रदेश के रहने वाले सौ से अधिक प्रवासी मजदूर अपने गांव जाने के लिए सोमवार को यहां से पैदल ही रवाना हो गए जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने हस्तक्षेप कर उन्हें उनके किराए के आवास में वापस भेजा।

तीन अलग समूहों में चल रहे मजदूरों को पुलिस ने त्रिकुटा नगर क्षेत्र में रोका।

मजदूरों को अपने आवास पर लौटने को कहा गया और आश्वासन दिया गया कि जल्दी ही उन्हें उनके घर पहुंचाने का प्रबंध किया जायगा।

जम्मू के अतिरिक्त उपायुक्त ताहिर फिरदौस दत्ता ने कहा, “प्रवासी मजदूरों ने स्वयं पैदल घर जाने का निर्णय लिया जो कि असंभव कार्य है। हमने उन्हें उनके आवास पर जाने को कहा और जब तक उनके गृह राज्य जाने का प्रबंध नहीं हो जाता तब तक पर्याप्त मात्रा में राशन देने का आश्वासन दिया।”

दत्ता ने घटना स्थल पर जाकर मजदूरों से बातचीत की थी।

उन्होंने बताया कि जम्मू में लगभग 75,000 प्रवासी मजदूर हैं और सरकार उन्हें मुफ्त राशन देने का पूरा प्रयास कर रही है।

गोरखपुर के निवासी सेमन दुर्बल ने कहा कि निराशा में उन्होंने यह कदम उठाया क्योंकि लॉकडाउन का कोई अंत नजर नहीं आ रहा।

उन्होंने कहा, “हम लोग पिछले 40 दिन से बारह बायी बारह के साझा कमरे में बेकार बैठे हैं और हमें रोज के खाने का प्रबंध करने जैसी कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हमारा अस्तित्व संकट में है।”

दुर्बल ने कहा कि सरकार ने पहले दस किलोग्राम गेहूं और चावल भेजा था उसके बाद कुछ नहीं भेजा।

उन्होंने कहा, “हम ऐसे नहीं जी सकते और अब हमने निर्णय लिया है कि हम पैदल चलकर घर जाएंगे।”

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर के निवासी एक अन्य मजदूर रमेश ने कहा कि उन्हें गैस सिलेंडर, खाने का सामान नहीं मिल रहा है और पैसे भी समाप्त हो गए हैं।

एक अन्य मजदूर ने कहा कि सरकार ने उनकी जो सहायता की वह पर्याप्त नही है ।

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