अहमदाबाद, 18 मई गुजरात में कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित शहर अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि राजकोट में एक फर्म द्वारा निर्मित और पिछले महीने बड़ी संख्या में सरकारी संस्थानों के लिए नि:शुल्क दिये गये वेंटिलेटर कोविड-19 मरीजों पर ‘‘वांछित परिणाम’’ नहीं दे रहे हैं।
राज्य की प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने बताया कि ‘धमन-1’ नाम के वेंटिलेटर की उस समय आपूर्ति की गई थी जब कोरोना वायरस महामारी के कारण इनकी बहुत मांग थी। उन्होंने बताया कि इन वेंटिलेटर को निर्माण फर्म द्वारा फिर से उन्नत किया जाएगा।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक जे. वी. मोदी ने गांधीनगर स्थित गुजरात चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (जीएमएससीएल) के प्रबंध निदेशक को राज्य में अपनी तरह के सबसे बड़े 1,200 बिस्तरों वाले कोविड-19 केन्द्र के लिए 50 ‘अत्याधुनिक’ आईसीयू वेंटिलेटर के लिए पत्र लिखा था।
अस्पताल को 230 ‘धमन-1’ वेंटिलेटर मुहैया कराए गए थे, जिसके बारे में एक चिकित्सक ने कहा कि इन्हें ‘‘अत्याधुनिक’’ नहीं कहा जा सकता।
सिविल अस्पताल से संबद्ध बीजी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थिया विभाग के प्रमुख के हवाले से मोदी ने 15 मई को लिखे एक पत्र में कहा कि धमन-1 और एजीवीए वेंटिलेटर से उन्हें कोविड-19 मरीजों पर ‘‘वांछित परिणाम’’ नहीं मिल रहे हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘हमने कोविड अस्पताल और किडनी अस्पताल के लिए 50-50 आईसीयू वेंटिलेटर की मांग रखी है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच हमें और अधिक वेंटिलेटर की जरूरत है।’’
रवि ने कहा कि इन वेंटिलेटर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में इनकी आपूर्ति की गई थी।
अहमदाबाद जिले में रविवार की शाम तक कोरोना वायरस के 8,420 मामले सामने आये हैं। इस महामारी से 524 लोगों की मौत हुई है और अभी 5,236 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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