जरुरी जानकारी | विदेशी सस्ते खाद्यतेलों का आयात बढ़ने से स्थानीय किसान, तेल मिलें संकट में

नयी दिल्ली, 22 जून विदेशों से सस्ते खाद्यतेलों का जून में भारी आयात होने के अनुमान के बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली बाजार में लगभग सभी खाद्यतेल तिलहनों के थोक भाव में गिरावट रही।

तेल तिलहन कारोबार के जानकार सूत्रों ने बताया कि थोक भाव में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार में कितना आयेगा, यह देखा जाना अभी बाकी है। अभी तक कई बार कहने के बावजूद मदर डेयरी के धारा ब्रांड जैसी कुछेक खाद्यतेल कंपनियों ने अपने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में मामूली कटौती ही की है जो वास्तविक थोक कीमत से काफी ऊंचा रखा जाता है। लेकिन देशी तिलहन किसान, देश के खाद्यतेल पेराई मिलों एवं तेल उद्योग और देश के तेल तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के प्रयासों के लिए, सस्ता आयातित खाद्यतेल खतरे का संकेत हो सकता है।

सूत्रों ने कहा कि मई, 2023 में लगभग 10.58 लाख टन खाद्यतेल का आयात हुआ था जो जून में बढ़कर लगभग 13.08 लाख टन हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सस्ते खाद्यतेल आयात का क्या फायदा है जो देशी तिलहन किसानों की देशी उपज बाजार में नहीं खपने दे और उन्हें आगे तिलहन खेती करने से हतोत्साहित कर दे, तेल मिलों को पेराई में नुकसान हो और पेराई के बाद भी उनके तेल बाजार में न बिकने पायें, तेल उद्योग से कर्मचारियों की छंटनी की नौबत आये।

उन्होंने कहा कि अभी तो खाद्यतेलों के थोक भाव सस्ते हैं लेकिन अगर पिछले साल जिस तरह से सोयाबीन 2,200 डॉलर टन और सूरजमुखी का भाव 2,500 डॉलर टन कर दिया गया था। उसी तरह आगे जाकर फिर से खाद्यतेलों के भाव मनमाने तरीके से बढ़ा दिये जायें तो हम क्या कर लेंगे ? ध्यान रहे कि पिछले साल आयातित तेलों के भाव जब आसमान छू रहे थे तो इन्हीं देशी तिलहनों (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला) जैसे तेलों ने हमें संकट से निकालने में मदद की थी।

सूत्र ने कहा कि लेकिन जब सस्ते आयातित तेलों की भरमार से हमारा तेल तिलहन कारोबार, तिलहन किसान ध्वस्त हो जाते हैं तो प्रतिकूल स्थितियों का सामना हम किन उपायों से कर पायेंगे ?

इस बीच, मलेशिया एक्सचेंज में 2-2.5 प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकागो एक्सचेंज लगभग 3 प्रतिशत नीचे चल रहा है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,770-4,870 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,605-6,665 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,530 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,460-2,735 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,580 -1,660 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,580 -1,690 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,250 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,190-5,255 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,955-5,030 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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