देश की खबरें | एलएनजेपी को दिल्ली में मंकीपॉक्स प्रबंधन का नोडल केंद्र बनाया गया, चिकित्सकों का प्रशिक्षण शुरू

नयी दिल्ली, 16 जुलाई देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने एलएनजेपी अस्पताल को इस बीमारी के प्रबंधन के लिए नोडल केंद्र बनाया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दी। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल ने मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से महामारी के खिलाफ लड़ाई में यहां अहम भूमिका निभाई है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला केरल में सामने आया है। हम सतर्क हैं और एलएनजेपी अस्पताल को मंकीपॉक्स के मामलों के प्रबंधन के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।’’

भारत में बृहस्पतिवार को मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से लौटा एक केरलवासी इसके वायरस से संक्रमित पाया गया है।

इस घटना के बाद केंद्र ने सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को मजबूत करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम तैनात की है।

दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल में 2,000 बिस्तर हैं और यह दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किया जाने वाला सबसे बड़ा अस्पताल है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने मंकीपॉक्स के प्रबंधन के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षण देना और एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) निर्धारित करना शुरू कर दिया है। कोविड-19 के प्रबंधन का अनुभव निश्चित रूप से हमारी टीम की मदद करेगा, क्योंकि पीपीई किट और मास्क पहनना तथा अन्य प्रोटोकॉल अनिवार्य रूप से समान हैं क्योंकि यह भी वायरस से होने वाली बीमारी है।’’

सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध मामलों के लिए पृथकवास केंद्रों की स्थापना की भी योजना बनाई है।

एलएनजेपी में भर्ती संक्रमितों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, ‘‘अभी तक, आठ मरीज भर्ती हैं, और सभी की हालत स्थिर है।’’

उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स का प्रबंधन उसी तरह होगा जैसे अस्पताल की टीम ने कोविड महामारी का प्रबंधन किया था।

भारत से पहले, ब्रिटेन, इटली, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और अमेरिका से मंकीपॉक्स के कई मामले सामने आए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस है, जिसमें चेचक के रोगियों में अतीत में देखे गए लक्षणों के समान लक्षण होते हैं, हालांकि यह चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मंकीपॉक्स के लक्षणों में बुखार, चकते आदि शामिल हैं और इससे कई तरह की चिकित्सीय जटिलताएं हो सकती हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने हाल ही में कहा था कि केरल में मंकीपॉक्स के देश के पहले मामले की पुष्टि राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे में एक व्यक्ति के नमूनों की जांच कर की गई थी।

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