LIVE: 11 फरवरी की प्रमुख खबरें और अपडेट्स
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भारत और दुनिया की अहम खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.- कनाडा: हाई स्कूल में गोलीबारी की घटना में 10 लोगों की मौत
- टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अस्पताल में भर्ती
- यूक्रेन में जल्द हो सकती है राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा: रिपोर्ट
- अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार समझौते की 'फैक्टशीट' में क्या बदलाव किए
- राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया देश को बेचने का आरोप
- बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी से अमेरिका चिंतित
- टेलीग्राम के सीईओ ने कहा, 'रूसी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे'
- 'अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया': पाकिस्तानी रक्षा मंत्री
- यूरोपीय संघ को बाजार सुधार और आसान नियमों की जरूरत: उर्सुला फॉन डेय लाएन
यूरोपीय संघ को बाजार सुधार और आसान नियमों की जरूरत: उर्सुला फॉन डेय लाएन
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन ने बुधवार, 11 फरवरी को कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) को अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और बिखराव को कम करने के लिए अपने पूंजी बाजार और नियमों को सरल बनाना होगा.
उन्होंने जोर देते हुए कहा, "हमारी कंपनियों को इस वक्त पूंजी की जरूरत है. इसलिए आइए इसे इसी साल पूरा करें. हमें उन बाधाओं को तोड़ने के लिए किसी न किसी तरह से आगे बढ़ना ही होगा जो हमें एक सच्चा वैश्विक दिग्गज बनने से रोकती हैं." फॉन डेय लाएन ने वर्तमान ईयू सिस्टम को 'अत्यधिक बिखरा हुआ' करार दिया और एक बड़े, गहरे और आसान पूंजी बाजार की मांग की.
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फॉन डेय लाएन ने सांसदों से तेजी से काम करने का आग्रह करते हुए स्पष्ट किया कि वह इस कानून के साथ आगे बढ़ेंगी, भले ही सभी ईयू देश अपने राष्ट्रीय नियमों को बदलने के लिए तैयार न हों. उन्होंने कहा कि अगर कोई आम सहमति नहीं बनती है तो ईयू को उन देशों के बीच बेहतर सहयोग पर विचार करना चाहिए जो इसमें भाग लेना चाहते हैं.
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का असर, भारत में मक्का और सोयाबीन के दाम गिरे
पिछले हफ्ते भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अंतरिम फ्रेमवर्क की घोषणा होने के बाद से भारत में सोयाबीन के दाम 10 फीसदी और मक्का के दाम चार फीसदी गिर गए हैं. इस गिरावट ने छोटे भारतीय किसानों को चिंता में डाल दिया है. सस्ते अमेरिकी आयात से चिंतिंत किसान संगठनों ने गुरुवार, 12 फरवरी को देशव्यापी प्रदर्शनों का आह्वान किया है.
पिछले हफ्ते जारी किए गए भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत ने अमेरिका से सोयाबीन तेल और डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्यूबल्स (डीडीजीएस) के शुल्क-मुक्त आयात को अनुमति दे दी है. डीडीजीएस एक पशु आहार है, जो मक्के से एथेनॉल बनाने के दौरान बाई-प्रोडक्ट के रूप में निकलता है.
भारतीय किसानों में डर है कि बाजार में विदेशी माल आने से उनके उत्पादों के दाम और गिर जाएंगे. देश में फिलहाल मक्का का भाव 1,820 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है, जो सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,400 रुपये से काफी कम है. इसका बड़ा कारण देश में मक्का का रिकॉर्ड उत्पादन और एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों की ओर से मांग में आई कमी को बताया जा रहा है.
'अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया': पाकिस्तानी रक्षा मंत्री
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंधों को लेकर संसद में बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अपने रणनीतिक हितों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और मकसद पूरा हो जाने के बाद उसे "टॉयलेट पेपर के एक टुकड़े की तरह" फेंक दिया.
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद) में बोलते हुए, आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान अक्सर अपने आतंकी इतिहास से इनकार करता रहा है. उन्होंने इसे अतीत में तानाशाहों द्वारा की गई एक बड़ी गलती करार दिया. पाकिस्तानी मंत्री ने दो अफगान युद्धों में इस्लामाबाद की भागीदारी को भी एक गलती बताया और स्पष्ट किया कि आज पाकिस्तान जिस आतंकवाद का सामना कर रहा है, वह उन्हीं पुरानी गलतियों का ही नतीजा है.+
पाकिस्तान: 'ऑनर किलिंग' के पीड़ितों को कब्रिस्तान में भी नहीं मिलता सम्मान
आसिफ ने उस आधिकारिक नैरेटिव को भी चुनौती दी जिसमें कहा जाता था कि अफगान युद्ध में पाकिस्तान की भागीदारी किसी धार्मिक दायित्व के कारण थी. उन्होंने माना कि पाकिस्तानियों को 'जिहाद' के नाम पर लड़ने के लिए भेजा गया था, लेकिन इस पूरी बात को उन्होंने भ्रामक और देश के लिए बेहद नुकसानदायक बताया.
उन्होंने संसद में कहा कि दो पूर्व सैन्य तानाशाहों (जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ) ने अफगानिस्तान के युद्ध में हिस्सा लिया था लेकिन इस्लाम की खातिर नहीं बल्कि एक सुपरपावर (अमेरिका) को खुश करने के लिए.
टेलीग्राम के सीईओ ने कहा, 'रूसी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे'
टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल दुरोव ने 10 फरवरी की देर रात स्पष्ट किया कि वह रूसी अधिकारियों के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे. उन्होंने कहा कि यह ऐप स्वतंत्रता और गोपनीयता का प्रतीक है, चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो.
इससे पहले दिन में, रूस की सरकारी संचार निगरानी संस्था ने कहा था कि इस मैसेजिंग ऐप को और ज्यादा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि यह नियमों के उल्लंघन को सुधारने में विफल रहा है. मंगलवार को दिन भर उपयोगकर्ताओं ने ऐप के धीमे चलने और डाउनलोड में परेशानी की शिकायत की क्योंकि रूस देश में सार्वजनिक और निजी संचार के इस प्रमुख माध्यम पर अपना नियंत्रण कड़ा कर रहा है.
रूसी संचार नियामक रोसकोम्नात्सोर ने एक बयान में कहा कि वह रूसी कानूनों का पालन न करने के लिए टेलीग्राम पर चरणबद्ध प्रतिबंध लगाना जारी रखेगा. बयान में आरोप लगाया गया कि उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित नहीं है और ऐप के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और आपराधिक और आतंकवादी उद्देश्यों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं.
पावेल दुरोव जिनके पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिकता भी है, को 2024 में फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी ऐप से जुड़े बाल यौन शोषण सामग्री, मादक पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी के लेन-देन की जांच के सिलसिले में हुई थी. हालांकि, दुरोव ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है कि उनके ऐप ने सक्रिय रूप से अपराध को बढ़ावा दिया. पिछले साल फ्रांस ने जांच के तहत उन पर लगे यात्रा प्रतिबंधों को भी हटा दिया था.
बांग्लादेश में चीन की बढ़ती मौजूदगी से अमेरिका चिंतित
बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया में चीन की बढ़ती मौजूदगी, अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन गई है. इसे साधने के लिए अमेरिका, बांग्लादेश की अगली सरकार को अमेरिकी और सहयोगी देशों की रक्षा प्रणालियों को चीनी हार्डवेयर के विकल्प के रूप में पेश करने की योजना बना रहा है. बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत ब्रेंट टी क्रिस्टेंसेन ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी दी.
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में भारत की मौजूदगी घटी है, जबकि चीन का प्रभाव बढ़ा है. चीन ने हाल ही में बांग्लादेश के साथ एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय सीमा के पास एक ड्रोन फैक्ट्री बनाई जाएगी. इसके अलावा, बांग्लादेश पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भी बातचीत कर रहा है.
अमेरिकी राजदूत ने कहा, अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतिंत है और बांग्लादेशी सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि चीन के साथ कुछ प्रकार के संबंधों के जोखिमों को स्पष्ट रूप से बताया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका बांग्लादेश की सैन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए कई विकल्प प्रदान करता है ताकि उसे चीनी प्रणालियों के विकल्प दिए जा सकें.
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया देश को बेचने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार, 11 फरवरी को लोकसभा में केंद्र सरकार पर देश बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "मैं कह रहा हूं कि आपने भारत को बेचा है. क्या आपको भारत को बेचने पर शर्मिंदगी नहीं है...आपने हमारी भारत माता को बेचा है, क्या आपको कोई शर्म नहीं है." राहुल ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में प्रधानमंत्री भारत को नहीं बेचते लेकिन उन्होंने (अमेरिका ने) उनकी गर्दन पर पकड़ बना रखी है और प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है.
इससे पहले राहुल ने कहा कि अमेरिका के प्रभुत्व को चीन, रूस और अन्य ताकतों से चुनौती मिल रही है. उन्होंने कहा कि एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बना दिया गया है और हम स्थिरता से अस्थिरता वाली दुनिया की ओर जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम एक सुपरपावर वाली दुनिया से एक दूसरी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें शायद दो या उससे भी ज्यादा सुपरपावर होंगी.
अमेरिका पीछे, चीन आगे? कैसे बदल रही है वैश्विक व्यवस्था
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और चीन की लड़ाई में भारतीय डेटा सबसे अहम संपत्ति है. उन्होंने भारत की बड़ी आबादी को एक ताकत बताया और कहा कि यह ताकत सिर्फ उसी स्थिति में है, जब आप डेटा के महत्व को समझें. उन्होंने कहा कि अगर 'इंडिया' गठबंधन राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत करता तो सबसे पहली बात कहता कि इस समीकरण में सबसे जरूरी चीज भारतीय डेटा है.
उन्होंने कहा, "हम दूसरी बात कहते कि राष्ट्रपति ट्रंप, अगर आप इस डेटा तक पहुंच चाहते हैं तो कृपया समझिए कि आप हमसे बराबरी के स्तर पर बात करने जा रहे हैं. आप हमसे ऐसे बात नहीं करेंगे कि हम आपके नौकर हैं." उन्होंने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों की रक्षा के मुद्दे पर भी अमेरिका से स्पष्ट बात कहता.
अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार समझौते की 'फैक्टशीट' में क्या बदलाव किए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में व्हाइट हाउस द्वारा जारी की गई फैक्टशीट में कई बदलाव देखने को मिले हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने फैक्टशीट में से अमेरिकी दालों का जिक्र हटाया है, 500 अरब डॉलर की खरीद "प्रतिबद्धता" को लेकर भाषा में बदलाव किया है.
9 फरवरी को जारी की गई फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत "कुछ दालों" पर से टैरिफ हटा देगा या कम कर देगा. अपडेट की गई फैक्टशीट में दालों का जिक्र नहीं है. पुरानी फैक्टशीट में लिखा था कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद करने के लिए "प्रतिबद्ध" है. जबकि नई फैक्टशीट में लिखा है कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने का "इरादा" रखता है.
पुरानी फैक्टशीट मे लिखा था कि भारत अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदेगा. जबकि अपडेटेड वर्जन में कृषि उत्पादों का जिक्र हटा दिया गया है. पुरानी शीट में लिखा था कि भारत अपना डिजिटल सर्विसेज टैक्स हटाएगा, जबकि नए में यह बात हटा दी गई है. हिंदुस्तान टाइम्स ने दो सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारत सरकार द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद फैक्टशीट में ये बदलाव किए गए हैं.
यूक्रेन में जल्द हो सकती है राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा: रिपोर्ट
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की वसंत (मार्च-मई के बीच) में राष्ट्रपति चुनाव और एक शांति जनमत संग्रह की तैयारियों की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं. रिपोर्ट में यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस योजना के बारे में ज्यादा जानकारी 24 फरवरी को सार्वजनिक की जाएगी.
रूसी जनरल पर गोलियां चलाने वाला संदिग्ध हमलावर दुबई से गिरफ्तार
रिपोर्ट के मुताबिक, कीव रूस के साथ किसी भी संभावित शांति समझौते पर जनमत संग्रह के साथ-साथ राष्ट्रीय चुनाव कराने पर विचार कर रहा है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिकी और यूक्रेनी वार्ताकारों ने किसी संभावित समझौते को जनता के वोट के लिए पेश करने पर चर्चा की है, जो संभवतः मई की शुरुआत में हो सकता है.
यूक्रेन पर रूसी हमलों के बीच अबू धाबी में शांति वार्ता का दौर खत्म
इसी बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने लगातार हो रहे रूसी हमलों का मुकाबला करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस की कमियों को दूर करने के मकसद से मंगलवार, 10 फरवरी को शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की.
टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अस्पताल में भर्ती
भारत के ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को टी-20 वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ होने वाले ग्रुप मैच से पहले पेट खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक क्रिकेट बोर्ड अधिकारी ने बुधवार, 11 फरवरी को यह जानकारी दी.
भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए कितना तैयार है?
12 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले ग्रुप ए के मैच में उनके खेलने पर संदेह बना हुआ है. नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि अभिषेक को मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पेट की समस्या के कारण वह ट्रेनिंग में भी शामिल नहीं हो पाए थे. उन्हें यह समस्या मुंबई में हुए पहले मैच से ही थी.
भारत की महिला दृष्टिबाधित टीम के क्रिकेट खेलने का अलग अंदाज
अमेरिका के खिलाफ भारत की जीत में अभिषेक शून्य पर आउट हो गए थे, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा है. रविवार, 15 फरवरी को भारत का सामना पाकिस्तान से होगा.
कनाडा: ब्रिटिश कोलंबिया में गोलीबारी की घटना में 10 लोगों की मौत
कनाडाई प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया के एक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में संदिग्ध हमलावर सहित आठ लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा पास के एक घर में दो और लोग मृत पाए गए हैं, जिसे इसी घटना से जुड़ा माना जा रहा है.
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने एक बयान में कहा, "गोलीबारी की सूचना मिलने पर पुलिस ने खतरे को रोकने के लिए स्कूल में प्रवेश किया. तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई पीड़ित मिले. माना जा रहा है कि गोली चलाने वाला व्यक्ति भी मृत पाया गया है, जिसे देखकर लगता है कि उसने खुद को गोली मारी है."
कनाडाई मीडिया ने हमलावर के एक महिला होने की बात कही है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरसीएमपी ने संदिग्ध की पहचान या इस्तेमाल किए गए हथियारों के प्रकार के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया.
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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि वह टंबलर रिज में हुई इस भयानक गोलीबारी से बेहद आहत हैं. उनके कार्यालय ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने जर्मनी के म्यूनिख का दौरा रद्द कर दिया है, जहां वे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने वाले थे.