नयी दिल्ली, एक अगस्त राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को होटल, क्लब और बार में शराब नहीं परोसी गई तथा 31 जुलाई को अपने आबकारी लाइसेंस की समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण ठेके भी बंद रहे।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने रविवार को शराब के खुदरा लाइसेंस की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया था। दिल्ली कैबिनेट के फैसले को उपराज्यपाल वी के सक्सेना की मंजूरी मिलने के बाद आबकारी विभाग इस संबंध में एक आदेश जारी करेगा।
आईटीओ के निकट स्थित शराब के एक ठेके के संचालक ने कहा, ‘‘हमें कुछ नहीं पता कि यह आदेश कब तक आयेगा। अगर यह आदेश आज आ भी जाता है तो हमारे पास बेचने के लिए सामग्री नहीं है।’’
जोनल लाइसेंस धारक ने कहा कि अब भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है क्योंकि आबकारी विभाग के आदेश में अब देरी हो रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि सरकार ने पुरानी आबकारी नीति को वापस लेने की घोषणा की है, ऐसे में हम भी कारोबार समेटने की प्रक्रिया में जुट गये हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सबसे ज्यादा पीड़ित हैं क्योंकि काफी निवेश करने के बावजूद, हम कुछ महीनों के भीतर ही शराब की खुदरा बिक्री छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं।’’
उल्लेखनीय है कि नई आबकारी नीति 2021-22 के तहत दिल्ली सरकार ने पूरे शहर को 32 जोन में बांटकर 849 खुदरा लाइसेंस जारी किए थे और यह नीति 17 नवंबर 2021 से लागू की गई थी।
रेस्तरां चलाने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से उच्चतम स्तर पर प्रशासनिक अक्षमता प्रतीत होती है जिसके चलते यह स्थिति पैदा हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि वह लाइसेंस की समय सीमा को विस्तारित करना चाहती थी तो उसे पहले ही ऐसा करना चाहिए था।’’
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस बीच, दिल्ली सरकार ने देसी शराब के ठेकों के लाइसेंस की समय सीमा 30 सितंबर तक दो महीने के लिए बढ़ा दी है, हालांकि नयी निविदा को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
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