जरुरी जानकारी | तरल चिकित्सा-ऑक्सीजन पर कीमत की सीमा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच देश में चिकित्सा ऑक्सीजन की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये अगले छह महीने तक के लिए चिकित्सा ऑक्सीजन सिलिंडर और तरल ऑक्सीजन की अधिकतम कीमत की सीमा निर्धारित की है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को इसकी जानकारी दी गयी।

नयी दिल्ली, 26 सितंबर सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच देश में चिकित्सा ऑक्सीजन की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये अगले छह महीने तक के लिए चिकित्सा ऑक्सीजन सिलिंडर और तरल ऑक्सीजन की अधिकतम कीमत की सीमा निर्धारित की है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को इसकी जानकारी दी गयी।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के कारण चिकित्सा ऑक्सीजन की दैनिक मांग 750 मीट्रिक टन से लगभग चार गुना बढ़कर करीब 2,800 मीट्रिक टन पर पहुंच गयी है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने चिकित्सा ऑक्सीजन सिलिंडर और तरल ऑक्सीजन की अधिकतम कीमत की सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

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मंत्रालय ने कहा कि चिकित्सा ऑक्सीजन की कीमत समेत इसकी उपलब्धता का मुद्दा भारत सरकार के अधिकार प्राप्त समूह 2 के विचाराधीन रहा है। समूह ने एनपीपीए को तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की एक्स-फैक्ट्री कीमत पर सीमा लगाने पर विचार करने की सिफारिश की, ताकि उचित कीमतों पर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मंत्रालय ने कहा कि समूह ने उचित मूल्य पर ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये एनपीपीए से ऑक्सीजन सिलिंडर की एक्स-फैक्ट्री कीमत पर भी सीमा लगाने अनुरोध किया।

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बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 10 (2) (एल) के तहत एनपीपीए को तरल चिकित्सा ऑक्सीजन तथा ऑक्सीजन सिलिंडर के मूल्य निर्धारण व इनकी उपलब्धता को विनियमित करने को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाने की शक्तियां दी।

प्राधिकरण ने 25 सितंबर को आयोजित अपनी अतिरिक्त साधारण बैठक में इस मामले पर विचार-विमर्श किया और महामारी के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति के मद्देनजर सार्वजनिक हित में असाधारण शक्तियों को लागू करने का फैसला किया। उसने तरल चिकित्सा ऑक्सीजन और चिकित्सा ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता तथा मूल्य को तुरंत विनियमित करने का निर्णय लिया।

एनपीपीए ने तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की एक्स-फैक्ट्री कीमत 15.22 रुपये प्रति घन मीटर निर्धारित करने का फैसला किया। इसमें माल एवं सेवा कर (जीएसटी) शामिल नहीं है। इसी तरह फिलर (सिलिंडर भरे जाते समय) स्तर पर ऑक्सीजन सिलिंडर की अधिकतम कीमत जीएसटी से पहले 25.71 रुपये प्रति घन मीटर तय किया गया। ये दरें छह महीने तक के लिये प्रभावी होंगी।

रसायन ण्वं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने एक ट्वीट में कहा, "सरकार कोविड-19 के दौरान ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्ध है। एनपीपीए के द्वारा कीमत पर सीमा लगाने से सुदूर के जिलों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की राह की बाधाएं दूर होंगी।’’

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