देश की खबरें | बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने के संकेत फिलहाल नहीं

लखनऊ, 14 अगस्त बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एकजुट होने का यहां विपक्षी नेताओं ने भले स्वागत किया है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने के संकेत फिलहाल नहीं हैं।

विपक्षी दलों ने स्वीकार किया है कि उत्तर प्रदेश (उप्र) में भाजपा को हराना केंद्र की सत्ता से उसे बाहर करने के लिए जरूरी है। लेकिन भाजपा से मुकाबला करने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता अच्छी तरह से जानने के बावजूद उप्र में किसी भी विपक्षी दल ने अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीट हैं।

उप्र में भाजपा की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि होने से पार्टी को केंद्र की सत्ता में भी काबिज होने में मदद मिली थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को राज्य में 10 सीट पर जीत मिली थी, जो 2014 के आम चुनाव में बढ़ कर 71 हो गई और 2019 में उसे 62 सीट पर जीत मिली थी।

राज्य में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पिछले कुछ चुनावों में अलग-अलग तरह के गठजोड़ करके चुनाव लड़ी लेकिन भाजपा को शिकस्त देने में नाकाम रही।

उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था लेकिन भाजपा दो-तिहाई बहुमत से चुनाव जीतने में कामयाब रही। इसके बाद, 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के साथ महागठबंधन बनाया तथा 2022 का विधानसभा चुनाव रालोद और अन्य दलों के साथ गठजोड़ कर लड़ा, लेकिन वह राज्य में भाजपा को शिकस्त देने में नाकाम रही।

नीतीश कुमार ने जब नौ अगस्त को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ने और बिहार में सरकार गठन के लिए राजद से हाथ मिलाने का ऐलान किया, तब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस फैसले का स्वागत किया।

अखिलेश ने कहा था, ''आज के दिन यह अच्छी शुरुआत है, जब अंग्रेजों के खिलाफ ‘भारत छोड़ो’ नारा दिया गया था। अगर बिहार से ‘भाजपा भगाओ’ नारा आया है तो मुझे यह लगता है कि अन्य प्रदेशों में भी इसी तरह बहुत जल्द भाजपा के खिलाफ अन्य दल और जनता भी खड़ी हो जाएगी।"

लेकिन उनकी पार्टी (सपा) ने उनके गृह राज्‍य (उप्र) में विपक्षी दलों के गठबंधन के लिए काम करने का कोई इरादा जाहिर नहीं किया है।

सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने 'पीटीआई-' से बातचीत में कहा कि भाजपा को परास्त करने में उनकी पार्टी सक्षम है और वह मायावती नीत बसपा से कोई गठजोड़ नहीं करेगी।

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