जरुरी जानकारी | कर्जदाताओं ने पांचवीं बार रिलायंस कैपिटल के लिए समाधान योजना जमा करने की समयसीमा बढ़ाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के लिए समाधान योजना जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है। बोली लगाने वालों द्वारा अधिक समय मांगने के चलते कंपनी के कर्जदाताओं ने बुधवार को पांचवी बार यह समयसीमा बढ़ाई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के लिए समाधान योजना जमा करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है। बोली लगाने वालों द्वारा अधिक समय मांगने के चलते कंपनी के कर्जदाताओं ने बुधवार को पांचवी बार यह समयसीमा बढ़ाई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
नयी समयसीमा 28 अगस्त है, जबकि पिछली तारीख 10 अगस्त थी।
सूत्रों ने कहा कि पीरामल और टॉरेंट ने समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ाने के लिए कहा था, जिसे कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने खारिज कर दिया।
इंडसइंड बैंक ने 30 अगस्त तक विस्तार की मांग की थी।
रिलायंस कैपिटल की समाधान योजना जमा करने की तारीख पहले भी चार बार बढ़ाई जा चुकी है।
रिलायंस कैपिटल को शुरुआत में 54 अभिरुचि पत्र (ईओआई) मिले थे, लेकिन अब केवल 5-6 बोलीदाता ही सक्रिय हैं।
ठंडी प्रतिक्रिया के कारण सीओसी ने पहली समयसीमा में 75 करोड़ रुपये बयाना जमा करने की शर्त को भी खत्म कर दिया।
सूत्रों ने कहा कि बोलीदाताओं में से एक पीरामल समूह को भी अवरोध का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बीमा नियामक इरडा ने रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस के लिए समूह की बोली पर चिंता व्यक्त की है।
नियमों के अनुसार, पीरामल के पास पहले ही एक जीवन बीमा फर्म में प्रवर्तक की हिस्सेदारी है, और वह किसी अन्य जीवन बीमाकर्ता में समान हिस्सेदारी नहीं ले सकती है।
प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड (पीएलआईएल) की प्रवर्तक पीरामल समूह है।
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