नयी दिल्ली, 30 सितंबर वाम दलों ने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में ‘सामूहिक बलात्कार की पीड़िता के परिवार की मर्जी के बिना’ उसका अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रदेश में जाति आधारित हिंसा का माहौल बेनकाब हुआ है।
माकपा पोलितब्यूरो ने एक बयान में आरोप लगाया कि सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं है।
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उसने कहा, ‘‘माकपा योगी आदित्यनाथ सरकार के कदमों की कड़ी निंदा करती है। लड़की की मौत सरकार के संवेदनहीन रुख के कारण हुई है।’’
भाकपा महासचिव डी राजा ने एक बयान में दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है और दोषसिद्धि की दर में कमी आई है।
हाथरस की घटना में परिवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़िता का मंगलवार देर रात “जबरन” अंतिम संस्कार करा दिया।
गौरतलब है कि हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की मंगलवार सुबह यहां सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई।
हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 14 सितंबर को लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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