नयी दिल्ली, 20 सितंबर दुनिया में ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले कुछ अहम देशों के नेता संयुक्त राष्ट्र जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मेलन से अनुपस्थित रहे। जलवायु संकट से निपटने के प्रयासों को फिर से मजबूत करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बुधवार को न्यूयॉर्क में शिखर सम्मेलन बुलाया है।
गुतारेस ने देशों से तेल और गैस के विस्तार को रोकने और 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के अनुरूप मौजूदा उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना बनाने के वास्ते प्रतिबद्धता दिखाने का आह्वान किया था।
संयुक्त राष्ट्र ने सुबह के सत्र के लिए 41 वक्ताओं की सूची पेश की थी जिनमें चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के प्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं थे।
सम्मेलन को संबोधित करने वाले प्रमुख देशों में ऑस्ट्रिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, चिली, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
जब संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने पिछले दिसंबर में वैश्विक कार्यक्रम की घोषणा की थी, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें "एक विवेकपूर्ण शिखर सम्मेलन" की उम्मीद है, जिसमें किसी को कोई छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा था कि पीछे हटने, दूसरों पर दोष मढ़ने या पिछली घोषणाओं पर मुलम्मा चढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, शिखर सम्मेलन अनूठा है क्योंकि इसमें केवल "कार्रवाई करने वाले" शामिल हैं- वे नेता जिन्होंने जलवायु संकट से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई के महासचिव के आह्वान पर कदम बढ़ाए हैं।
गुतारेस ने पहले कहा था कि वह सिर्फ उन्हीं नेताओं को बोलने की अनुमति देंगे जो विश्वसनीय, महत्वाकांक्षी कार्यों, योजनाओं और नीतियों के साथ आगे आएंगे।
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