दिल्ली की जिला अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस व्यवस्था की ‘दिक्कतों’ से जूझ रहे हैं वकील
वकील मनीष भदौरिया ने बताया कि जरूरी मामलों पर सुनवाई के लिए न्यायाधीशों को मनाने, पीडीएफ फाइलों को भेजने और वीडियो लिंक के जरिए दलीलों-जिरह में कई तरह की दिक्कतें हो रही है।
नयी दिल्ली, 14 अप्रैल वकीलों ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण के बीच निचली अदालतों में जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए इस्तेमाल हो रही वीडियो कॉन्फ्रेंस व्यवस्था में ‘‘दिक्कतें’’ आ रही हैं और ‘‘युद्ध स्तर’’ पर इसको उन्नत बनाए जाने की जरूरत है ।
वकील मनीष भदौरिया ने बताया कि जरूरी मामलों पर सुनवाई के लिए न्यायाधीशों को मनाने, पीडीएफ फाइलों को भेजने और वीडियो लिंक के जरिए दलीलों-जिरह में कई तरह की दिक्कतें हो रही है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत राष्ट्रीय राजधानी में सात जिला अदालतें केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई कर रही हैं ।
कांग्रेस नेता शशि थरूर और अहमद पटेल तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए पैरवी कर चुके वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने बताया कि अदालतों के रोजाना के कामकाज में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ना चाहिए लेकिन इसे उन्नत बनाए जाने का काम युद्ध स्तर पर होना चाहिए ।
उन्होंने ग्रीष्म अवकाश रद्द करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि जल्द से जल्द वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जज सुनवाई कर सकें ।’’
पाहवा ने कहा कि राज्य सरकार को भी दिल्ली में ई-अदालतों को उन्नत बनाने के लिए और धन आवंटित करना चाहिए ।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 09:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

