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वकीलों का आर्थिक मदद के लिये एक समान राष्ट्रीय योजना के लिये न्यायालय में याचिका

यह याचिका अधिवक्ता अभिनव रामकृष्ण ने दायर की है। उन्होंने याचिका में अधिवक्ता कल्याण कोष कानून, 2001 के तहत ‘समान राष्ट्रीय स्तर योजना’ तैयार करने का निर्देश देने का अनुरोध न्यायालय से किया है।

वकीलों का आर्थिक मदद के लिये एक समान राष्ट्रीय योजना के लिये न्यायालय में याचिका
जमात

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर करके कोविड-19 महामारी संकट मे लॉकडाउन के दौरान वकीलों की आर्थिक मदद के लिये एक समान राष्ट्रीय नीति बनाने का अनुरोध किया गया है।

यह याचिका अधिवक्ता अभिनव रामकृष्ण ने दायर की है। उन्होंने याचिका में अधिवक्ता कल्याण कोष कानून, 2001 के तहत ‘समान राष्ट्रीय स्तर योजना’ तैयार करने का निर्देश देने का अनुरोध न्यायालय से किया है।

याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि क्या वकीलों को काम और आमदनी के नुकसान को देखते हुये पोषण के लिये एक बार मामूली सी राशि देने के विभिन्न राज्यों की बार काउन्सिल के फैसले को गरिमामय व्यवहार माना जा सकता है या नहीं और क्या यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधि एवं न्याय मंत्रालय वकीलों के सामने आ रही कठिनाई के दौरान ‘मूक दर्शक’ बना हुआ है और उसने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि देश में प्रभावी न्यायिक व्यवस्था स्थापित करना उसकी मुख्य जिम्मेदारी है।

याचिका में दलील दी गयी है कि देशभर के वकील हर बार वकालतनामा दाखिल करते समय कल्याण कोष के लिये धन देते हैं परंतु कोविड-19 महामारी जैसी अप्रत्याशित स्थिति में सभी राज्य बार काउन्सिल से अपेक्षा की जाती है कि वे इस कल्याण कोष में जमा राशि के बारे में स्थिति साफ करें।

याचिका में रोजाना अर्जित करने वाले वकीलों को ‘एक बार वित्तीय मदद’ करने के दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात और केरल बार काउन्सिल के फैसले पर सवाल उठाते हुये कहा गया है कि यह गरिमामय जीवन उपलब्ध कराने के उपयोगी नहीं होगा।

इसी तरह याचिका में कर्नाटक राज्य बार काउन्सिल द्वारा धन की उपलब्धता के आधार पर वकील को दस हजार रूपए का ब्याज मुक्त कर्ज देने के फैसले का भी जिक्र किया गया है और इसे अधिवक्ता कल्याण कोष कानून के खिलाफ बताया गया है।

अनूप

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).