देश की खबरें | वायु प्रदूषण कम करने के लिए कानूनों, एसओपी के कड़ाई से पालन की जरूरत : आयोग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे लगे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए नवगठित आयोग ने आपात आधार पर वायु प्रदूषण कम करने के लिए सोमवार को मौजूदा कानूनों, दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ नवंबर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे लगे इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए नवगठित आयोग ने आपात आधार पर वायु प्रदूषण कम करने के लिए सोमवार को मौजूदा कानूनों, दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।

सोमवार को दिल्ली-एनसीआर पर धुंध की परत गहरी होने के साथ ही कई स्थानों पर दृश्यता घटकर 600 मीटर रह गई। ऐसे में आयोग ने समीक्षा बैठक की।

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आयोग ने लोगों से अपील की कि निजी परिवहन के साधनों का इस्तेमाल यथासंभव कम से कम करें, बहुत आवश्यक नहीं होने पर आवाजाही से बचें तथा घर से काम करें।

राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई।

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उसने एक बयान में कहा, ‘‘भविष्य की रणनीति में अनेक हितधारकों से परामर्श जरूरी होगा। हालांकि इस स्तर पर आयोग आपात आधार पर वायु प्रदूषण कम करने के लिए मौजूदा कानूनों, नियमों, दिशानिर्देशों तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर देता है।’’

आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोयले से चलने वाले उद्योगों को आने वाले महीनों में कोयले का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने की भी जरूरत बताई।

आयोग ने तत्काल उठाये जाने वाले कदमों में पानी का छिड़काव बढ़ाने और प्रदूषण वाले स्थानों पर एंटी-स्मॉग गनों का इस्तेमाल बढ़ाने का भी सुझाव दिया। इसके अलावा धूल नियंत्रण उपायों संबंधी नियम एवं कानूनों को सख्ती से लागू करना शामिल है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल तीन नवंबर के बाद से शहर में सबसे ज्यादा वायु गुणवत्ता सूचकांक 477 सोमवार को दर्ज किया गया। पिछले साल तीन नवंबर को सूचकांक 494 था। इससे पहले रविवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 416 दर्ज किया गया, शनिवार को 427, शुक्रवार को 406 और बृहस्पतिवार को 450 दर्ज किया गया था।

दिल्ली के पड़ोसी शहरों फरीदाबाद में 456, गाजियाबाद में 482, नोएडा में 477 ग्रेटर नोएडा में 478, गुरुग्राम में 482 दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि 0-50 एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।

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