देश की खबरें | त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है: विपक्षी पार्टियां

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अगरतला, 29 जून त्रिपुरा में विपक्षी वाममोर्चा और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और उनकी पार्टियों के कार्यकर्ताओं पर भगवा खेमे के कार्यकर्ताओं ने कई मौकों पर हमले किये हैं।

भाजपा ने हालांकि विपक्ष के इन दावों को खारिज किया है और कहा है कि विपक्षी पार्टियां आधारहीन आरोप लगा रही है।

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कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख पी विश्वास ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को लॉकडाउन के मद्देनजर मुश्किलों में घिरे लोगों को राहत पहुंचाने से रोका गया।

त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भाजपा कार्यकर्ताओं ने रानिर बाज़ार, पश्चिम त्रिपुरा जिले के तेलियामुरा से लेकर दक्षिण त्रिपुरा के नलुआ तक हमारे कार्यकर्ताओं पर हमले किये हैं। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं पर उस समय हमले किये गये जब वे लोगों के बीच आवश्यक वस्तुओं का वितरण करने का प्रयास कर रहे थे।’’

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उन्होंने कहा कि शिकायतें दर्ज कराये जाने के बाद भी कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा द्वारा कोई भी वादा अब तक राज्य में पूरा नहीं किया गया है।

वाममोर्चा द्वारा रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि इस महीने की शुरूआत से हत्या के सात मामले, बलात्कार के सात मामले, चोरी के चार और अपराध की कई अन्य वारदात हुई है।

बयान में कहा गया है कि राज्य के शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ द्वारा 26 जून को दावा किया गया था कि ‘‘राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है’’ सच्चाई से परे है।

बयान में कहा गया है कि माकपा कार्यालयों पर कम से कम तीन हमले किये गये और वाम मोर्चा पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले की लगभग 25 घटनाएं दर्ज की गई हैं, इसके अलावा रक्तदान शिविरों और राहत वितरण कार्यक्रमों में हमले किये गये है।

इस बीच भाजपा के प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने विपक्षी पार्टियों के आरोपों को झूठा और आधारहीन बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्षी खेमों के नेता और समर्थक हमारे सुशासन से प्रभावित होकर हमसे जुड़े है। हाल में कांग्रेस के महासचिव सुखोमय साहा हमारी पार्टी में शामिल हुए थे।’’

भट्टाचार्य ने दावा किया कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में अपने कई चुनावी वादों को पूरा किया है और अगले चुनाव से पहले शेष वादों को भी पूरा किया जायेगा।

उन्होंने हालांकि स्वीकार किया राज्य में राजनीतिक संघर्ष की घटनाएं होती रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस तथ्य से कोई इनकार नहीं करता कि राज्य में राजनीतिक संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं। माकपा के कार्यकर्ता भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले कर रहे हैं क्योंकि यही उसकी संस्कृति रही है। हम राजनीतिक हमलों की इस संस्कृति से बाहर आने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’

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