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जरुरी जानकारी | बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन तेल में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम अपने पूर्व सप्ताहांत के मुंकाबले गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं महाराष्ट्र में मांग बढ़ने के बीच सोयाबीन तिलहन, आवक कम होने और मांग बढ़ने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन तथा पामोलीन से सस्ता होने के कारण बिनौला तेल के दाम सुधार के साथ बंद हुए।

जरुरी जानकारी | बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन तेल में गिरावट

नयी दिल्ली, 23 मार्च बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम अपने पूर्व सप्ताहांत के मुंकाबले गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं महाराष्ट्र में मांग बढ़ने के बीच सोयाबीन तिलहन, आवक कम होने और मांग बढ़ने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन तथा पामोलीन से सस्ता होने के कारण बिनौला तेल के दाम सुधार के साथ बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह बड़ी तेल मिलें सरसों किसानों का मनोबल तोड़ने के लिए सरसों के दाम में घट-बढ़ कर रही थीं। इससे खासकर लघु एवं सीमांत किसानों में थोड़ी अफरा-तफरी का माहौल बना है और उनकी छिटपुट बिकवाली से फिलहाल दाम में गिरावट है। वैसे देखा जाये तो इस बार पहले का बचा स्टॉक समाप्त हो चला है, उत्पादन कम हुआ है, वार्षिक खाताबंदी के बाद सरसों की मांग बढ़ने के भरपूर आसार हैं। ऐसे में सरकार को सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद जल्द से जल्द शुरू करनी चाहिये जिससे छोटे व सीमांत किसानों को भी लाभकारी दाम सुनिश्चित होगा और सरकार भी जरूरत के लिए सरसों का स्टॉक बना सकती है।

उन्होंने कहा कि सरसों का हाजिर दाम फिलहाल एमएसपी से 4-5 प्रतिशत कम है और सरकारी खरीद का यह सबसे अच्छा समय हो सकता है। वार्षिक खाताबंदी के बाद सरसों की लिवाली तेज होने पर सरसों के दाम बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस स्थिति पर नजर रखनी चाहिये कि सरसों तिलहन के हाजिर दाम एमएसपी से 4-5 प्रतिशत कम होने के बावजूद हाजिर बाजार में जो सरसों तेल 145-146 रुपये लीटर मिलना चाहिये वह लगभग 155-160 रुपये लीटर के भाव क्यों बिक रहा है?

सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र वालों की सोयाबीन की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन के दाम में सुधार है। उल्लेखनीय है कि पॉल्ट्री कंपनियों की सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की सबसे अधिक मांग महाराष्ट्र की होती है। हालांकि, इस सुधार के बावजूद अब भी सोयाबीन तिलहन का दाम एमएसपी से 17-18 प्रतिशत नीचे ही है।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह से पहले के सप्ताह में जिस सोयाबीन डीगम तेल का दाम 1,090-1,095 डॉलर था वह घटकर बीते सप्ताह 1,060-1,065 डॉलर प्रति टन रह गया। इस कारण सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट देखी गई।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली का हाजिर दाम एमएसपी से 14-15 प्रतिशत नीचे चल रहा है। इस बीच, बाजार में सूरजमुखी और पामोलीन तेल की उपलब्धता कम होने से मूंगफली की मांग है। इस वजह से अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार दर्ज हुआ।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह के पूर्व सप्ताह में सीपीओ का दाम 1,205-1,210 डॉलर से घटकर 1,175-1,180 डॉलर प्रति टन रह गया। विदेशों में दाम में इस गिरावट के कारण बीते सप्ताह सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम में गिरावट आई। इस गिरावट के बावजूद सोयाबीन के मुकाबले पामोलीन का आयात 10 रुपये किलो महंगा बैठता है।

सूत्रों ने कहा कि देश में कपास की उपलब्धता कम है और मंडियों में आवक निरंतर घट रही है। जो आवक कुछ दिन पहले पहले 90-95 हजार गांठ की थी वह घटकर अब 60-65 हजार गांठ रह गई है। अगली फसल आने में लगभग सात महीने का समय है। इस परिस्थिति में बीते सप्ताह बिनौला तेल के दाम में सुधार देखा गया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा, पंजाब में 7,250-7,350 रुपये क्विंटल वाले बेहतरीन कपास नरमा का भाव बीते सप्ताह बढ़कर एमएसपी से कुछ अधिक यानी लगभग 7,550-7,650 रुपये क्विंटल हो गया।

बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 10 रुपये की गिरावट के साथ 6,100-6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 75 रुपये की गिरावट के साथ 13,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 10-10 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,340-2,440 रुपये और 2,340-2,465 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में महाराष्ट्र की मांग के कारण सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 30-30 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,180-4,230 रुपये और 3,880-3,930 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दूसरी ओर विदेशों में दाम टूटने के कारण सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 325 रुपये, 225 रुपये और 275 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 13,600 रुपये, 13,350 रुपये और 9,550 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तिलहन का भाव 25 रुपये के सुधार के साथ 5,725-6,050 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 50 रुपये और 10 रुपये के सुधार के साथ 14,500 रुपये और 2,250-2,550 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 250 रुपये की गिरावट के साथ 13,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 425 रुपये की गिरावट के साथ 14,400 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 425 रुपये की गिरावट के साथ 13,300 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

वहीं, मांग बढ़ने के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 75 रुपये के सुधार के साथ 13,825 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2025 10:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).