देश की खबरें | जम्मू में सीआरपीएफ पर हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों की पहचान कर ली गयी: पुलिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नौगाम क्षेत्र में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक दल पर हुए हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। इस हमले में दो सीआरपीएफ कर्मी शहीद और तीन अन्य घायल हो गये।
श्रीनगर, छह अक्टूबर जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नौगाम क्षेत्र में सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक दल पर हुए हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। इस हमले में दो सीआरपीएफ कर्मी शहीद और तीन अन्य घायल हो गये।
कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा, ‘‘ हमने उन आतंकवादियों की पहचान कर ली है जिनका इस हमले के पीछे हाथ है। वे लश्कर के आतंकवादी हैं और उनका अगुवा सैफुल्ला है। हम अपना काम कर रह हैं और शीघ्र ही उनका सफाया होगा।’’
वह इस हमले में मारे गये सीआरपीएफ के दो कर्मियों के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “दो आतंकवादी स्कूटर से, बड़ी संभावना है कि पाम्पोर तरफ से आए और उन्होंने एके राइफल से अंधाधुंध गोलियां चलायीं।’’
कुमार ने माना कि पाकिस्तान स्थित इस आतंकवादी संगठन के इसी गुट ने पहले बडगाम जिले के चदूरा इलाके में भी हमला किया था जिसमें सीआरपीएफ का एक सहायक उपनिरीक्षक शहीद हो गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अभियान चला रहे हैं और शीघ्र ही उनका सफाया हो जाएगा।’’
आतंकवादी हमले के लिए दुपहिया वाहनों का इस्तेमाल किये जाने के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि इससे आतंकवादियों को उन मार्गों पर आना जाना असान हो जाता है जहां वाहनों की आवाजाही अधिक है।
उन्होंने कहा, ’’ हम हर वाहन की जांच नहीं कर सकते, वाहनों की ज्यादातर जांच सूचना के आधार पर की जाती है । हर वाहन की जांच करने से यातायात जाम लग जाएगा।’’
उन्होंने लोगों को आश्वस्त करने का प्रयास किया और कहाकिस्थिति नियंत्रण में है।
आतंकवादियों द्वारा डिजिटल फोन नंबर के इस्तेमाल के बारे में उनका कहना था कि यह प्रौद्योगिकी चिंता का विषय जरूर है लेकिन ऐसा सालों से हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ .... हम प्रौद्योगिकीगत उत्तर ढूढने का प्रयत्न कर रहे हैं।’’
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