देश की खबरें | रथयात्रा के दौरान श्री जगन्नाथ मंदिर की लेजर स्कैनिंग होगी
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भुवनेश्वर, 12 जुलाई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) नौ दिवसीय रथ यात्रा उत्सव के दौरान पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की लेजर स्कैनिंग करेगा।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने रविवार को बताया कि पुरी स्थित 12वीं शताब्दी के मंदिर के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले एएसआई ने मंदिर प्रशासन से मंदिर की लेजर स्कैनिंग का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद, एएसआई को गर्भगृह को छोड़कर नट मंडप, जगमोहन और मंदिर के अन्य हिस्सों में लेजर स्कैनिंग करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।’’
ढांचे की मजबूती की जांच करने के लिए विरासत स्थलों की लेजर स्कैनिंग की जाती है, ताकि समय पर मरम्मत कार्य किए जा सके। एएसआई ने इससे पहले कोणार्क सूर्य मंदिर और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी की 3-डी लेजर स्कैनिंग की थी।
इससे पहले, एएसआई की एक टीम ने मंदिर का दौरा किया था और पाया था कि प्राचीन मंदिर की संरचनाओं की स्थिति का पता लगाने के लिए लेजर स्कैनिंग की आवश्यकता है।
एएसआई के अधीक्षक पुरातत्वविद् अरुण मलिक ने कहा, ‘‘हम ऐसे समय में लेजर स्कैनिंग का काम पूरा करना चाहते हैं, जब देवी-देवता नौ-दिवसीय रथ यात्रा के लिए मंदिर से बाहर होंगे।’’
कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि गर्भ गृह के संबंध में निर्णय लेजर स्कैनिंग के लाभों का विश्लेषण करने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेवादारों की एक समिति बनाई गई है, जिनकी मौजूदगी में मंदिर में लेजर स्कैनिंग की जाएगी।
कुमार ने मंदिर के दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने को लेकर कहा कि एक श्रद्धालु के दिए दान की मदद से आठ द्वारों पर काम किया जाएगा। मंदिर प्रशासन को यह काम खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। सूत्रों ने बताया कि मंदिर के दरवाजों पर चांदी की परत चढ़ाने के लिए आवश्यक चांदी भगवान जगन्नाथ के मुंबई स्थित एक भक्त ने दान दी थी। चांदी के पैकेट शुक्रवार को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन कार्यालय पहुंचे।
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