देश की खबरें | जैविक खेती के प्रमाणन की आड़ में बड़ा "घोटाला" हुआ, अदालत की निगरानी में एसआईटी बने: कांग्रेस
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नयी दिल्ली, 26 जुलाई कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि जैविक खेती का प्रमाणन करने वाली आंतरिक नियंत्रण प्रणाली (आईसीएसी) के माध्यम से बड़ा "घोटाला" हुआ है और इसकी जांच के लिए अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने यह दावा भी किया कि यह "घोटाला" 2.1 लाख करोड़ रुपये का है क्योंकि 12 लाख किसानों को ठगा गया है।
कांग्रेस के इस आरोप पर सरकार की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आईसीएस, जैविक खेती करने वाले किसानों के समूहों को प्रमाणीकरण प्रदान करने वाली एक प्रणाली है।
सिंह ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, "2001 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) शुरू किया, जिसे कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण लागू करता है। इसका उद्देश्य जैविक उत्पादों के निर्यात को प्रमाणित और विनियमित करना है। "
उन्होंने कहा कि इसके तहत जैविक खेती करने वाले किसानों का समूह बनाया गया गया और उन्हें केंद्र सरकार ने 3 साल तक 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देने का प्रस्ताव लागू किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, "इसके तहत ही, मध्य प्रदेश का मालवा और निमाड़ क्षेत्र जैविक खेती का हब बना। जैविक खेती की प्रक्रिया में प्रमाणन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खाद्य उत्पाद का दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ जाता है।"
उनके मुताबिक, खाद्य उत्पाद को प्रमाणित करने के लिए कई प्रमाणन एजेंसियां बनाईं गईं।
सिंह ने कहा, " पूरे देश में 6046 आईसीएस हैं व करीब 35 प्रमाणन एजेंसियां हैं। आईसीएस के सत्यापन के बाद एक लेनदेन का प्रमाणन जारी होता है। इस प्रमाणन से ही मान्यता प्राप्त होती है ।"
उन्होंने आरोप लगाया, "करीब 24 लाख किसान 6 हजार आईसीएस के अंदर पंजीकृत हैं। हमने 12 लाख लोगों के अनुसार ही इस घोटाले का अनुमान निकाला है।"
सिंह ने कहा, "सरकार किसानों को 3 साल के लिए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान देती है। यह जिम्मेदारी राज्य सरकार की है कि किसानों को ये अनुदान मिले, लेकिन किसी को भी ये अनुदान नहीं मिला है, इसमें किसानों के फर्जी नाम जोड़े गए हैं। "
सिंह ने इस मामले में एसआईटी के गठन की मांग की।
सिंह ने कहा, "उच्च न्यायालय के एक कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया जाए। इस पूरे मामले में कार्रवाई की जाए, क्योंकि मंत्री पीयूष गोयल के पास सभी सबूत मौजूद हैं।"
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, "धोखाधड़ी वाले आईसीएस समूह के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई हो। देश के सभी 6,046 आईसीएस समूह में प्रत्येक की जांच हो और शोषित किसानों को उनके पैसे मिलने चाहिए।"
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 26, 2025 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

