देश की खबरें | मसूरी और उसके आसपास के 15 प्रतिशत इलाकों में भूस्खलन का खतरा : अध्ययन
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (ड्ब्ल्यूआईएचजी) के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया कि उत्तराखंड के हिल स्टेशन मसूरी और आसपास के 15 प्रतिशत इलाकों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

संस्थान की ओर से सोमवार को जारी बयान के मुताबिक भाटाघाट, जॉर्ज एवरेस्ट, केम्टी फॉल, खट्टापानी , लाइब्रेरी, गलोगीधर और हाथीपांव की बस्तियों पर बहुत अधिक भूस्खलन संभावित क्षेत्र है क्योंकि यहां पर खंडित चूना पत्थर की चट्टानें हैं और 60 डिग्री की ढलान है।

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अध्ययन के मुताबिक मूसरी जैसे पहाड़ी शहर लोकप्रिय हिल स्टेशन है और यहां कई बार भूस्खलन हो चुका है एवं इसकी वजह संभवत: विकास गतिविधियां हैं।

बयान के मुताबिक, ‘‘ आपदा खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों ने मसूरी और आसपास के इलाके में भूस्खलन की आशंका का आकलन किया जिससे पता चला कि 15 प्रतिशत इलाकों में भूस्खलन का खतरा है।’’

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बयान के मुताबिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डब्ल्यूआईएचजी के वैज्ञानिकों ने मसूरी शहर और आसपास के 84 वर्ग किलोमीटर के लघु हिमालय क्षेत्र का अध्ययन किया।

भूस्खलन संवेदनशीलता मानचित्रण (एलएसएम) को जर्नल ऑफ अर्थ सिस्टम साइंस में प्रकाशित किया गया है जिसके मुताबिक 29 प्रतिशत इलाकों में मध्यम दर्जे के भूस्खलन की संभावना है जबकि 56 प्रतिशत इलाके में भूस्खलन की सबसे कम संभावना है।

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