देश की खबरें | संसद की सुरक्षा में चूक: पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर
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नयी दिल्ली, 18 दिसंबर उच्चतम न्यायाल में एक जनहित याचिका दायर कर 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की गई है।
लोकसभा में 13 दिसंबर को दो व्यक्ति - सागर शर्मा और मनोरंजन डी - शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और इस दौरान ‘केन’ से पीला धुआं छोड़ा और नारे लगाए। दोनों को बाद में कुछ सांसदों ने पकड़ लिया था।
लगभग उसी समय, अमोल शिंदे और नीलम देवी नाम के दो लोगों ने संसद भवन परिसर के बाहर “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए ‘केन’ से रंगीन धुआं छोड़ प्रदर्शन किया।
पांचवें आरोपी ललित झा ने कथित तौर पर परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए।
जनहित याचिका वकील याचिकाकर्ता अबू सोहेल ने वकील श्रुति बिष्ट के माध्यम से दायर की है।
याचिका में कहा गया, “13 दिसंबर को संसद के निचले सदन में बड़ी सुरक्षा चूक के मामले में उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष न्यायिक जांच के लिये उचित रिट, आदेश या निर्देश पारित करें।”
याचिका में उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की देखरेख में “स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष” न्यायिक जांच की मांग की गई है।
मामले में अलग-अलग भूमिकाओं के लिए दिल्ली पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम देवी, ललित झा और महेश कुमावत शामिल हैं।
उच्चतम न्यायालय एक जनवरी तक शीतकालीन अवकाश पर है।
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