नयी दिल्ली, आठ अप्रैल खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) अपने बिक्री केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए वाराणसी में बने पश्मीना उत्पादों की बिक्री करेगा।
एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने कहा, ‘‘पहली बार पश्मीना उत्पादों को लेह-लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बाहर तैयार किया जा रहा है।’’
केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने वाराणसी में अत्यधिक कुशल खादी बुनकरों द्वारा तैयार किए गए पश्मीना उत्पादों को पेश किया।
बयान में कहा गया, ‘‘केवीआईसी 'मेड-इन-वाराणसी' पश्मीना उत्पादों को अपने शोरूम, दुकानों और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बेचेगा।’’
मंत्रालय ने कहा कि पश्मीना एक कश्मीरी कला के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में पश्मीना की फिर से खोज कई मायनों में अनूठी है।
वाराणसी में बुनकरों द्वारा बनाए गए पहले दो पश्मीना शॉल, इन उत्पादों की औपचारिक पेशकश से पहले चार मार्च को सक्सेना द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए थे।
उन्होंने कहा कि वाराणसी में पश्मीना उत्पादन से शहर में खादी के कारोबार में करीब 25 करोड़ रुपये का इजाफा होगा।
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