देश की खबरें | कोविड-19 : अदालत ने अग्रिम मोर्चे पर मरने वाले कर्मियों के परिजनों के मुआवजे के बारे में पूछा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों के संक्रमित होने से मौत हो जाने पर उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग करने वाली एक याचिका पर शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा।
मुंबई,17 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों के संक्रमित होने से मौत हो जाने पर उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग करने वाली एक याचिका पर शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा।
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता केतन तिरोदकर की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को यह निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता ने चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों सहित अग्रिम मोर्चे पर तैनात अन्य कर्मियों की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर उन्हें शहीद का दर्जा देने तथा उनके परिवारों को मुआवजा देने के लिये राज्य सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया है।
याचिका पर अपने जवाब में पिछले हफ्ते राज्य सरकार ने कहा था कि निजी एवं सरकार संचालित अस्पतालों में सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज-स्वास्थ्यकर्मियों के लिये बीमा योजना के तहत इंश्योरेंस कवर मुहैया कराया जा हा है।
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हालांकि, पीठ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार का हलफनामा अस्पष्ट और लचर है।
मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि राज्य सरकार का इस याचिका पर क्या रुख है। क्या कोई कानून या नीति मौजूद है?’’
अदालत ने याचिका की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद के लिये निर्धारित कर दी और राज्य सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
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