देश की खबरें | कोविड-19: फेंकी गई पीपीई किट को किया जा सकता है जैव ईंधन में तब्दील: भारतीय वैज्ञानिक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय वैज्ञानिकों ने पीपीई किट में इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक को नवीकरणीय तरल ईंधन में तब्दील करने की विधि सुझाई है जिससे फेंकी गई पीपीई किट संबंधी समस्या कम हो सकती है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

देहरादून, चार अगस्त भारतीय वैज्ञानिकों ने पीपीई किट में इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक को नवीकरणीय तरल ईंधन में तब्दील करने की विधि सुझाई है जिससे फेंकी गई पीपीई किट संबंधी समस्या कम हो सकती है।

वर्तमान में कोविड-19 से बचाव के लिए इस्तेमाल की जा रही पीपीई किट का अभूतपूर्व स्तर पर निपटान कार्य किया जा रहा है जो एक समस्या बन रहा है।

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पत्रिका ‘बायोफ्यूल्स’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार निपटान योग्य पीपीई के प्लास्टिक को उच्च तापमान रासायनिक प्रक्रिया ‘ताप अपघटन’ के माध्यम से जैव ईंधन में तब्दील किया जा सकता है।

अध्ययन की अग्रणी लेखक देहरादून स्थित पेट्रोलियम एवं ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय की सपना जैन ने कहा कि पीपीई में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को जैव ईंधन में तबदील किए जाने से न सिर्फ मानवता को फायदा होगा, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा और ऊर्जा का एक स्रोत भी उत्पन्न होगा।

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उन्होंने कहा कि पीपीई का निपटान इसमें इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक की वजह से चिंता का विषय है क्योंकि ये उपकरण एक बार इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं और फिर इनका निपटान करना होता है।

जैन ने कहा कि प्रस्तावित सुझाव पीपीई निपटान की समस्या के समाधान में सहायक हो सकता है।

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