देश की खबरें | कोविड-19 : मप्र सरकार ने इंदौर में निकट भविष्य में लम्बे लॉकडाउन की संभावनाओं को नकारा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अटकलों पर विराम लगाते हुए मध्यप्रदेश सरकार के एक आला अफसर ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंदौर जिले में कोविड-19 की रोकथाम की स्थिति में सुधार के मद्देनजर निकट भविष्य में यहां लम्बा लॉकडाउन लगाने पर विचार नहीं किया जा रहा है।
इंदौर, 23 जुलाई अटकलों पर विराम लगाते हुए मध्यप्रदेश सरकार के एक आला अफसर ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंदौर जिले में कोविड-19 की रोकथाम की स्थिति में सुधार के मद्देनजर निकट भविष्य में यहां लम्बा लॉकडाउन लगाने पर विचार नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने यहां एक बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, "कोविड-19 की रोकथाम के मामले में इंदौर में हम पहले के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं। इन दिनों जिले में हमें पहले के मुकाबले कम गंभीर स्थिति में इस महामारी के मरीज मिल रहे हैं।"
सुलेमान ने कहा, "सूबे के किसी भी जिले में लम्बे लॉकडाउन के फैसले के लिये हमने कोविड-19 की संक्रमण दर, अस्पतालों और इनके आईसीयू में भर्ती महामारी के मरीजों की संख्या सहित कुछ मानक तय किये हैं। इनमें से किसी भी मानक के मुताबिक फिलहाल इंदौर में लम्बे लॉकडाउन की आवश्यकता नहीं है।"
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर आम लोगों की प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिये इंदौर जिले में सीरो-सर्वेक्षण करवाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण के तहत रक्त के सीरम की जांच के बाद पता चल सकेगा कि अगर संबंधित लोग पिछले दिनों सार्स-सीओवी-2 (वह वायरस जिससे कोविड-19 फैलता है) के हमले का शिकार हुए हैं, तो उनके रोग प्रतिरोधक तंत्र ने किस तरह की प्रतिक्रिया दी है और उनके रक्त में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हुई हैं या नहीं?
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में इस महामारी के हालात की समीक्षा के लिये आये थे।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 6,457 मरीज मिले हैं। इनमें से 301 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि इलाज के बाद 4,519 लोग इस महामारी से उबर चुके हैं।
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