जरुरी जानकारी | कोविड-19 भारतीय उपभोक्ताओं को आवश्यक, विवेकाधीन वस्तुओं की खरीद के लिए डिजिटल अपनाने को प्रेरित किया

नयी दिल्ली, 28 जुलाई कोरोना वायरस महामारी ने भारतीय उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान की ओर मोड़ा है। एक अध्ययन के मुताबिक संक्रमितों की बढ़ती संख्या के चलते लोग वस्तुओं समेत वह अन्य तरह की खरीद के लिए भी इसके उपयोग का इरादा रखते हैं।

डेलॉइट ग्लोबल के ‘स्टेट ऑफ द कंज्यूमर ट्रैकर’ सर्वेक्षण के अनुसार भारत में लोग 55 फीसदी किराना सामान पर, 49 फीसदी घरेलू सामान पर, 44 फीसदी दवाओं पर और 26 फीसदी किताबों पर खर्च करने का इरादा रखते हैं।

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यह अध्ययन उपभोक्ताओं के पिछले चार सप्ताह की तुलना में अगले चार सप्ताह में किए जाने वाले खर्च की योजना और उनके इरादे की पहचान करता है।

वैश्विक परामर्श कंपनी डेलोइट ने कहा, ‘‘ उपभोक्ताओं के बीच चुनिंदा तरह के सामानों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन और ई-वाणिज्य मंचों के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जैसे कि अगले चार हफ्तों में 53 प्रतिशत परिधान, 50 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद ऑनलाइन माध्यम से करेंगे।’’

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सर्वेक्षण में कहा गया है कि संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ ही उपभोक्ता अलग-अलग तरह से नकद बिक्री और लेनदेन से बचकर संक्रमण के जोखिम को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

सर्वेक्षण 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच 18 देशों में किया गया था। इसमें हर देश से 18 साल से अधिक की उम्र के 1,000 लोगों से सवाल-जवाब किए गए।

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