नयी दिल्ली, 20 सितंबर कोविड-19 महामारी ने भारत और जापान को आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने का विशिष्ट अवसर दिया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देश इस अवसर का लाभ उठाकर सॉफ्टवेयर विकास, आधुनिक प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं।
यह रिपोर्ट शार्दुल अमरचंद मंगलदास तथा उद्योग मंडल फिक्की ने तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान ने हमेशा आर्थिक, व्यापार और वाणिज्य में भारत को अपने तरजीही भागीदार का दर्जा दिया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 महामारी ने दोनों देशों और उनकी कंपनियों को हाथ मिलाने और भारत के जनसंख्या संबंधी लाभ उठाने को नया गठजोड़ बनाने का अवसर दिया है। बदलते आर्थिक वातावरण में इससे भारत को एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने का अवसर मिला है।’’
रिपोर्ट कहती है कि जापान का कारोबारी समुदाय भारत में अपने निवेश और उपक्रमों को लेकर उत्साहित है। भारत में जापान चौथा सबसे बड़ा निवेशक बना हुआ है।
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शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन शार्दुल एस श्रॉफ ने कहा, ‘‘हमें इस महामारी को भारत और जापान के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने कॉरपोरेट कर में कटौती, श्रम कानूनों के पुनर्गठन, कारोबार सुगमता की स्थिति को और बेहतर करने तथा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई वित्तीय और आर्थिक उपाय किए हैं। इन उपायों के जरिये भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से पटरी पर आने की क्षमता है।
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