कोविड-19 : मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सीमाओं को पूरी तरह सील करने के निर्देश दिए
उत्तरप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली से अब तक लगभग चार लाख प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों तथा हरियाणा से 12 हजार श्रमिकों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है। इसी प्रकार अन्य राज्यों से भी चरणबद्ध रूप से प्रवासी श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित करायी जाएगी।
लखनऊ, एक मई कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को निर्देश दिए कि प्रदेश की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने नहीं आ पाये और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम प्रधानों तथा नगरों के पार्षदों से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी चोरी-छिपे प्रदेश में नहीं आ सके।
उत्तरप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली से अब तक लगभग चार लाख प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों तथा हरियाणा से 12 हजार श्रमिकों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है। इसी प्रकार अन्य राज्यों से भी चरणबद्ध रूप से प्रवासी श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित करायी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है। कोविड-19 के कारण बाधित आर्थिक गतिविधियों से प्रभावित श्रमिकों व कामगारों के हित में राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों की चरणबद्ध वापसी के लिए प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक बार में एक राज्य के प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में वापस लाने की कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि वापस आये सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। स्वस्थ श्रमिकों को राशन किट के साथ 14 दिन के पृथक-वास के लिए घर भेजा जाए, जिनके स्वास्थ्य में कमी मिले, ऐसे श्रमिकों और कामगारों को क्वारंटीन सेन्टर में रखकर उपचार की व्यवस्था की जाए।
प्रदेश की सीमाओं को पूरी तरह सील करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने नहीं पाये। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम प्रधानों तथा नगरों के पार्षदों से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी चोरी-छिपे न आये।
बैठक में योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया कि लखनऊ स्थित तीन संस्थानों में जांच कार्य के लिए माइक्रो बायोलॉजिस्टि सहित अन्य मानव संसाधन उपलब्ध करा दिया गया है। इन संस्थानों में शनिवार से जांच कार्य प्रारम्भ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों, डेन्टल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों में आवश्यकतानुसार एल-1, एल-2 चिकित्सालय स्थापित करने की कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने जनपद आगरा और कानपुर नगर में अतिरिक्त प्रशासनिक एवं डेडिकेटेड मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों के चालकों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाएं ।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

