देश की खबरें | कोलकाता रथ यात्रा: कोविड पाबंदियों के कारण इस बार रथों को शामिल नहीं किया जायेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथों के लौटने का उत्सव इस बार यहां कोविड-19 पाबंदियों के कारण पारंपरिक तरीके से आयोजित नहीं होगा। हाथ से खींचे जाने वाले रथ इस बार नहीं होंगे और इसके बजाय इस्कॉन कोलकाता की 50वीं रथ यात्रा समारोह में तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 15 कारों के एक काफिले को शामिल किया जायेगा।

कोलकाता, 10 जुलाई भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथों के लौटने का उत्सव इस बार यहां कोविड-19 पाबंदियों के कारण पारंपरिक तरीके से आयोजित नहीं होगा। हाथ से खींचे जाने वाले रथ इस बार नहीं होंगे और इसके बजाय इस्कॉन कोलकाता की 50वीं रथ यात्रा समारोह में तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 15 कारों के एक काफिले को शामिल किया जायेगा।

मायापुर में संगठन के वैश्विक मुख्यालय में भी, वार्षिक उत्सव का आयोजन साधारण ढंग से होगा। परिसर में सिर्फ एक झांकी निकाली जाएगी, जिसमें लगभग 50 लोग इसे बारी-बारी से खींचेंगे।

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) की शहर इकाई के प्रवक्ता राधारमण दास ने शनिवार को कहा कि कोविड से संबंधित प्रतिबंधों के कारण उसे अपनी योजनाओं को रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि फिर भी, संगठन ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाए।

दास ने कहा, ‘‘रथ यात्रा (12 जुलाई) के दिन दोपहर लगभग 12 बजे, देवता श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी को हमारे अल्बर्ट रोड कार्यालय से गुरुसाडे रोड पर दूसरे केंद्र की ओर ले जाया जायेगा, जहां वे 20 जुलाई की शाम तक रहेंगे।’’ हालांकि उन्होंने इस तथ्य पर खेद व्यक्त किया कि पिछले सात वर्षों से स्वर्ण जयंती मनाने की तैयारी चल रही थी, और केंद्र की योजना रथों को अलंकृत करने और इस अवसर पर एक विशाल जुलूस निकालने की थी लेकिन महामारी के कारण सब रद्द करना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम 150 से अधिक विभिन्न देशों और 1200 इस्कॉन केंद्रों से भक्तों को आमंत्रित करना चाहते थे। लेकिन सभी योजनाएं रद्द कर दी गई हैं। साथ ही, महामारी की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए, हम लोगों से घर पर रहने और हमारे यूट्यूब चैनल या फेसबुक पेज पर रथ यात्रा अनुष्ठान का सीधा प्रसारण देखने की अपील करते हैं।’’

पिछले साल, अधिकारियों ने अल्बर्ट रोड स्थित मंदिर परिसर में सभी अनुष्ठान किए थे।

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