कोलकाता लॉकडाउन : ‘‘घर चला जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा’’
कोरोना वायरस महामारी के कारण देश भर में जारी लॉकडाउन का पालन कराने का कोलकाता के लोगों ने अपना ही अनोखा तरीका निकाल लिया है.... यहां गब्बर सिंह की वेशभूशा में एक शख्स ‘‘ घर चला जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा ’’ चिल्लाता हुआ लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने को लेकर आगाह करता नजर आ रहा है।
(प्रदीप्त तापदार)
कोलकाता, 29 अप्रैल कोरोना वायरस महामारी के कारण देश भर में जारी लॉकडाउन का पालन कराने का कोलकाता के लोगों ने अपना ही अनोखा तरीका निकाल लिया है.... यहां गब्बर सिंह की वेशभूशा में एक शख्स ‘‘ घर चला जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा ’’ चिल्लाता हुआ लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने को लेकर आगाह करता नजर आ रहा है।
गब्बर सिंह बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ का एक मशहूर किरदार है।
गब्बर का, इस अनोखी पहल में ‘यमराज’ भी साथ दे रहे हैं, जिनका कहना है, ‘‘ सावधान रहें नहीं तो मैं आकर तुम्हें ले जाऊंगा। ’’
इस पहल की शुरुआत कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले के कई सामुदायिक क्लबों ने की है, जो इन पौराणिक और काल्पनिक किरदार निभाने के लिए लोगों की भर्ती कर रहे हैं। ये किरदार लोगों को घर के अंदर रहने की आवश्यकता को लेकर जागरूक करने के साथ-साथ लॉकडाउन के दौरान उनका मनोबल भी बढ़ा रहे हैं।
गब्बर बनकर लोगों को जागरूक करने वाले अशोक डे (38) पार्ट टाइम कलाकार हैं और स्थानीय नाटकों में अभिनय भी करते हैं। उनके लिए यह मौका कुछ नया करने के साथ-साथ मुश्किल समय में पैसे कमाने का एक जरिया बनकर आया।
उन्होंने कहा, ‘‘ जब से लॉकडाउन लागू हुआ है, मैं पैसे कमाने के लिए कोई अलग तरीका ढूंढ रहा था क्योंकि नाटक तो पूरी तरह बंद हो गए थे। एक स्थानीय क्लब ने मुझसे सम्पर्क किया और लोगों को जागरूक करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए भगवान हनुमान और गब्बर सिंह का किरदार निभाने और उनके मशहूर संवाद बोलने को कहा। ’’
उन्होंने बताया कि गब्बर सिंह का किरदार और उसके संवाद (डायलॉग) तुरंत ही हिट हो गए।
डे ने कहा, ‘‘ मुझे सुबह एक चक्कर के 500 रुपये मिलते हैं। मुझे सप्ताह में एक या दो बार इस काम के लिए बुलाया जाता है।’’
डे ने बताया कि आम तौर पर सुबह 10 बजे जब मोहल्ले की दुकानें खुल जाती हैं तब वह गाड़ी के ऊपर खड़े होकर ‘गब्बर सिंह’ के अंदाज में लोगों को लॉकडाउन और उसके नियमों के बारे में जागरूक करते हैं।
वह फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में अमरीश पुरी द्वारा निभाया गया ‘मोगैम्बो’ का किरदार भी अदा करते हैं।
वहीं यमराज की भूमिका निभाने वाले 23 वर्षीय अभिजीत साधूखान रोज सुबह बोनहुगली इलाके के बाजारों में जाते हैं। वह लोगों को कोरोना वायरस के खतरों के बारे में बताने के साथ-साथ, जिन लोगों ने मास्क नहीं पहने होते, उन्हें मास्क भी बांटते हैं।
साधूखान वैसे एक बार में बाउंसर का काम करते हैं। इस काम के लिए उन्हें दो घंटे के 600 रुपये मिलते हैं। उनके परिवार में छह लोग हैं।
उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘ लॉकडाउन के कारण बार बंद होने के बाद मेरे पास कोई काम नहीं था। मैं दूसरी नौकरी ढूंढ रहा था तभी एक स्थानीय व्यक्ति ने मुझे इस यमराज की भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 08:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

