देश की खबरें | ज्ञान ही शांति व प्रगति का साधन है : बोडोलैंड घोषणापत्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पहले ‘बोडोलैंड इंटरनेशनल नॉलेज फेस्टिवल’ द्वारा सर्वसम्मति से अपनाए गए एक घोषणा-पत्र में कहा गया है कि ज्ञान एक शांतिपूर्ण, सुसज्जित और हरित बोडोलैंड की ओर ले जाने का साधन है।

गुवाहाटी, तीन मार्च पहले ‘बोडोलैंड इंटरनेशनल नॉलेज फेस्टिवल’ द्वारा सर्वसम्मति से अपनाए गए एक घोषणा-पत्र में कहा गया है कि ज्ञान एक शांतिपूर्ण, सुसज्जित और हरित बोडोलैंड की ओर ले जाने का साधन है।

एक बयान के अनुसार, घोषणा-पत्र पर बोडोलैंड प्रांतीय क्षेत्र (बीटीआर) के प्रमुख प्रमोद बोरो और बोडोलैंड विश्वविद्यालय के कुलपति लैशराम लाडू सिंह ने बृहस्पतिवार को संपन्न हुए महोत्सव में संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए।

बीटीआर असम के बोडो बहुल क्षेत्रों के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत बनाई गई एक निर्वाचित स्वायत्त निकाय है।

बयान में कहा गया कि ज्ञान को शांतिपूर्ण, सुसज्जित और हरित बोडोलैंड की शुरुआत करने के साधन के रूप में रेखांकित करते हुए घोषणा-पत्र को बीटीआर और इसके लोगों को प्रगति व समृद्धि के अगले स्तर तक ले जाने के लिए प्रमुख मूलभूत दस्तावेज के रूप में पेश किया गया था।

घोषणा-पत्र 10 अनुच्छेद पर आधारित है, जो ज्ञान की वृद्धि से संबंधित सिद्धांतों, उद्देश्यों और दीर्घकालिक लक्ष्यों को परिभाषित करता है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, असम के मंत्री उरखाओ गवर ब्रह्मा और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त लेखक अरूप कुमार दत्ता इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों में शामिल थे।

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