जरुरी जानकारी | खट्टर ने कर्नाटक के बिजली क्षेत्र की समीक्षा की, लागत के हिसाब से शुल्क लगाने का दिया सुझाव

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बेंगलुरु, 23 मई केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कर्नाटक के बिजली क्षेत्र की व्यापक समीक्षा की और राज्य सरकार से अपनी बिजली इकाइयों के वार्षिक वित्तीय नुकसान को कम करने एवं लागत के हिसाब से शुल्क लागू करने का आग्रह किया।

उन्होंने सरकारी विभागों से संबंधित बकाया तथा सब्सिडी का समय पर भुगतान करने के महत्व पर बल दिया और राज्य को अगस्त 2025 तक स्थानीय निकायों एवं कॉलोनियों सहित सभी सरकारी प्रतिष्ठानों में पूरी तरह से ‘प्रीपेड स्मार्ट मीटर’ लगाने की सलाह दी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, बेंगलुरू में हुई समीक्षा बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों एवं अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें कर्नाटक में बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण की स्थिति पर राज्य सरकार द्वारा विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।

खट्टर ने राज्य को अपने बिजली मिश्रण में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बधाई दी और कहा कि उनके दौरे का मकसद जमीनी स्तर के मुद्दों को समझना एवं कर्नाटक की बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए उपायों का पता लगाना है।

बयान में कहा गया, ‘‘ मंत्री ने राज्य से अपनी बिजली इकाइयों के वार्षिक वित्तीय घाटे को कम करने और लागत के हिसाब से शुल्क की ओर बढ़ने का आग्रह किया।’’

उन्होंने सरकारी बिजली बकाया के बेहतर प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत भुगतान तंत्र की आवश्यकता पर भी बल दिया।

खट्टर ने राज्य को वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं अन्य उपभोक्ता श्रेणियों के लिए समयबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कर्नाटक के बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र से निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।

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