कलबुर्गी (कर्नाटक), आठ मार्च कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर जारी सत्ता संघर्ष के बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से एकजुट होकर काम करने और राज्य के विकास को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि यदि वे अलग-अलग रहेंगे और अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ेंगे तो यह ‘‘कठिनाई (भरा)’’ होगा।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता यहां जेवरगी में कल्याण पथ परियोजना को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने शुक्रवार को रिकॉर्ड 16वां बजट पेश करने के लिए सिद्धरमैया की सराहना करते हुए इसे ‘‘अच्छा बजट’’ बताया और इस बात पर जोर दिया कि पार्टी अच्छे काम करने वाले व्यक्तियों का लगातार समर्थन और प्रोत्साहन करती है।
खरगे ने शिवकुमार की ऊर्जा मंत्री, सिंचाई मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके कार्य की भी प्रशंसा की। कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी, सरकार और लोगों की सेवा के लिए शिवकुमार के समर्पण को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिद्धरमैया और शिवकुमार की सराहना करता हूं। आप दोनों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए और राज्य के विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अगर हम विकास को नजरअंदाज करेंगे तो निश्चित रूप से लोग हमें पसंद नहीं करेंगे।’’
राज्य के सियासी हलकों खासकर कांग्रेस पार्टी के भीतर यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस साल के अंत तक ‘सत्ता साझा करने के फॉर्मूले’ या ‘बारी-बारी से मुख्यमंत्री’ प्रणाली के तहत राज्य के मुख्यमंत्री बदल सकते हैं।
कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को किसी से छिपाया नहीं है।
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