ईटानगर, 29 जनवरी अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से चुनाव के दौरान ‘‘धन के इस्तेमाल की संस्कृति’’ की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया और कहा कि इस तरह का चलन ‘‘लोकतांत्रिक लोकाचार’’ को बिगाड़ता है।
अगले साल लोकसभा चुनावों के अलावा पूर्वोत्तर राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
खांडू ने पश्चिम सियांग जिले के आलो में शनिवार को भाजपा की दो दिवसीय राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चुनाव करीब आ रहे हैं। ऐसे में, आइए हम धन के इस्तेमाल की संस्कृति को हमारे लोकतांत्रिक लोकाचार को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दें।’’
उल्लेखनीय है कि राज्य में 2019 के चुनावों के दौरान नकदी जब्त होने के कई मामले सामने आए थे।
मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभों के बारे में जानकारी देने के कार्य में महिलाओं को शामिल करें।
खांडू ने अपने आधिकारिक ट्विटर खाते पर लिखा, ‘‘गृहिणियों की भूमिका से लेकर अरुणाचल के विकास के लिए काम करने तक, महिलाओं ने हमारे समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा ‘‘एकमात्र पार्टी’’ है जो राज्य को और अधिक विकास के पथ पर ले जा सकती है।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विकासात्मक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘ताली और विजयनगर सड़कें, ग्रामीण कार्यक्रम’’ आदि जैसी ‘‘ऐतिहासिक उपलब्धियों’’ समेत कई पहलें शुरू की हैं।
खांडू ने कहा, ‘‘काफी समय से जारी असम-अरुणाचल सीमा विवाद जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।’’
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की अरुणाचल प्रदेश इकाई के पार्टी प्रभारी दिलीप सैकिया ने अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान राज्य के मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों की जानकारी दी।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रीजीजू के साथ लोकसभा सदस्य तापिर गाओ भी बैठक में शामिल हुए।
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