देश की खबरें | केरल के माकपा नेता ने एआई पर अपना बयान वापस लिया

थोडुपुझा (केरल), चार फरवरी सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने मंगलवार को अपने उस बयान को वापस ले लिया कि कृत्रिम मेधा (एआई) समाजवाद का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने पूर्व के बयान से पलटते हुए कहा कि एआई के परिणामस्वरूप कॉरपोरेट समाज में धन का संचय होगा और दुनिया में बेरोजगारी में वृद्धि होगी।

गोविंदन ने यहां एक पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूछा कि अगर धन कुछ हाथों में केंद्रित हो जाए, 60 प्रतिशत से अधिक लोग बेरोजगार हो जाएं और उनकी क्रय शक्ति पूरी तरह खत्म हो जाए तो देश में क्या स्थिति होगी।

उन्होंने कहा कि एआई तकनीक का दुनिया भर में व्यापक रूप से उपयोग शुरू हो गया है और इसके उत्पादों का स्वामित्व निजी क्षेत्र के पास है।

मार्क्सवादी नेता ने कहा कि चीन जैसे देश प्रौद्योगिकी के माध्यम से उत्पन्न धन को कुछ हद तक देश की अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाएंगे।

गोविंदन ने कहा, ‘‘लेकिन, पूंजीवादी समाज में, इस तरह से उत्पन्न पूरी संपत्ति कॉरपोरेट जगत के हाथों में जमा हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप तीव्र आंदोलन, बेरोजगारी और अन्य मुद्दे होंगे...इसमें कोई संदेह नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि यदि धन के इस संकेंद्रण और शोषणकारी व्यवस्था को नष्ट नहीं किया गया, तो दुनिया भर में मानव जाति के आगे के विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

गोविंदन ने कुछ दिन पहले कन्नूर में पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआई पर विरोधाभासी बयान देते हुए कहा था कि इससे समाजवाद का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा था कि यह धारणा सही नहीं है कि एआई-प्रमुख दुनिया में मार्क्सवाद प्रासंगिकता खो देगा।

मंगलवार को यहां पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में गोविंदन ने हालांकि दावा किया कि कृत्रिम मेधा पर उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

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