देश की खबरें | केरल : राज्यपाल और सरकार के बीच जुबानी जंग जारी, पिनराई विजयन ने खान को बताया 'अवसरवादी'
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान तथा वाम सरकार के बीच चल रही जुबानी जंग बुधवार को और तेज हो गई। एक तरफ राज्यपाल खान ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और मंत्रियों पर आरोप लगाया कि ‘‘उन्हें कोई शर्म नहीं है’’, वहीं दूसरी तरफ विजयन ने खान पर अतीत में ‘‘अवसरवादी’’ होने का आरोप लगाया।
नयी दिल्ली/कोट्टायम (केरल), 13 दिसंबर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान तथा वाम सरकार के बीच चल रही जुबानी जंग बुधवार को और तेज हो गई। एक तरफ राज्यपाल खान ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और मंत्रियों पर आरोप लगाया कि ‘‘उन्हें कोई शर्म नहीं है’’, वहीं दूसरी तरफ विजयन ने खान पर अतीत में ‘‘अवसरवादी’’ होने का आरोप लगाया।
विजयन ने कहा कि राज्यपाल को राज्यपाल की तरह काम करना चाहिए और उन्हें यह नहीं सोचना कि वह कुछ भी कर सकते हैं या फिर जो महसूस करते हैं तो वह कह सकते हैं।
मु्ख्यमंत्री ने कहा, ''उन्हें (राज्यपाल) सिर्फ वही करना चाहिए, जिसकी संविधान के अंतर्गत उनके कार्यालय को मंजूरी दी गई है। वह जिस पद पर हैं, उसके महत्व को कम न करें। यह अच्छा होगा अगर आरिफ मोहम्मद खान एक व्यक्ति के रूप में इसे समझें और उसके मुताबिक काम करें।''
राज्यपाल की तीखे शब्दों में आलोचना करते हुए विजयन ने कहा कि अगर खान के राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो बहुत से लोग उन्हें ‘‘अवसरवादी’’ कहने में नहीं हिचकेंगे।
राज्य के कोट्टायम जिले में नव केरल सदास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा, ''जो लोग अवसरवादी हैं वे कुछ भी कर सकते हैं, यह हमारे देश का अनुभव है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि इसे केरल में दोहराने का प्रयास न करें।'' राज्यपाल के वाहन पर हाल में कथित रूप से एसएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर खान केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के निर्देशों पर काम कर रहे हैं तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि अब तक जो हुआ है, उससे कहीं अधिक वह देखेंगे।
उन्होंने कहा, ''राज्यपाल को राज्यपाल की तरह काम करना चाहिए। उन्हें इस तरह काम नहीं करना चाहिए कि वह किसी को डरा सकते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि इस तरह के हथकंडे केरल में काम नहीं करेंगे। ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि उनके पास कोई बड़ी शक्ति है और वह कुछ भी कर सकते हैं।''
इससे पहले दिन में खान ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि ‘‘उन्हें कोई शर्म नहीं है।’’
राज्यपाल खान राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों की ‘सीनेट’ में उनके द्वारा किए गए मनोनयन पर वाम सरकार के मंत्रियों की ओर से उनकी कथित आलोचना का जिक्र कर रहे थे।
खान राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इसकी चिंता क्यों है कि मैं सीनेट के लिए किसे नामित करता हूं? मुख्यमंत्री और मंत्रियों को तनिक भी शर्म नहीं है। राज्य के वित्त मंत्री आए और एक व्यक्ति को नामित करने का मुझसे अनुरोध किया।’’
उन्होंने कहा, "इन लोगों (मुख्यमंत्री और मंत्रियों) को किस प्रकार पता चला कि जिन लोगों को मैंने नामित किया है, वे कुलपति द्वारा अनुशंसित सूची से भिन्न थे? उन्होंने (मुख्यमंत्री और मंत्रियों) नामित व्यक्तियों की सूची कुलपति को दी थी ताकि वह सिफारिश मुझसे करें।"
खान ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में जांच के आदेश दिए हैं और अगर यह पाया गया कि कुलपति मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा प्रस्तावित नामों की सिफारिश कर रहे थे, तो "मैं उन कुलपतियों के खिलाफ कार्रवाई करूंगा।’’
राज्यपाल ने कहा, "कोई मुझे किसी को नामित करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अगर मेरे पास अधिकार है, तो मैं अपने विवेक का इस्तेमाल करूंगा। मैं आपको (मीडिया को) यह बताने के लिए बाध्य नहीं हूं कि मैंने किस प्रकार अपने विवेक का इस्तेमाल किया।"
यह जिक्र किए जाने पर कि केरल उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उनके द्वारा केरल विश्वविद्यालय की सीनेट में चार छात्रों के मनोनयन पर रोक लगा दी है, खान ने कहा कि उन्हें इसकी वजह की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मनोनयन पर रोक लगाते हुए इस बारे में कुछ नहीं कहा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं द्वारा सोमवार रात उनके वाहन पर कथित तौर पर हमला किए जाने की घटना को लेकर खान ने सवाल किया कि विरोध के नाम पर सरकारी संपत्ति को कैसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
जब संवाददाताओं ने कहा कि हमले के बाद केरल सरकार के कुछ मंत्रियों ने उनके (खान के) कदमों की आलोचना की थी और कथित तौर पर उन्हें 'गुंडा' कहा था, तो राज्यपाल ने कहा कि यह उनकी "मानसिकता" को दर्शाता है।
मंत्रियों-पी राजीव, ए के ससीन्द्रन और पी ए मोहम्मद रियास ने खान पर निशाना साधते हुए एसएफआई का समर्थन किया था।
खान ने कहा, "वे (मंत्री) अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हर किसी ने देखा कि मेरी कार पर हमला किया गया। मैं किसी पर हमला नहीं कर रहा हूं। लेकिन उनके लिए, उनकी राजनीतिक नैतिकता है। अगर वे ऐसा कह रहे हैं, तो वे अपने व्यक्तित्व और चरित्र की चर्चा कर रहे हैं। यह उनकी मानसिकता, उनका मानसिक स्तर है।''
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